रंग बदलने लगा अमेरिका: HAL पर रूस को तकनीक देने का आरोप, भारत ने बताया साजिश
रंग बदलने लगा अमेरिका: HAL पर रूस को तकनीक देने का आरोप, भारत ने बताया साजिश
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट से उठे विवाद पर भारत ने दी दो टूक सफाई, कहा– रक्षा आत्मनिर्भरता से घबरा रहा है पश्चिमी जगत
जब भारत आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम बढ़ाता है, तो कुछ ताकतवर देशों की बेचैनी खुलकर सामने आने लगती है। अब इसी बेचैनी की बानगी है अमेरिका की प्रतिष्ठित मीडिया संस्था न्यूयॉर्क टाइम्स की वह रिपोर्ट, जिसने भारत की प्रमुख रक्षा कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक HAL ने ब्रिटेन की रक्षा कंपनी HR Smith Group से मिली ड्यूल यूज टेक्नोलॉजी—जैसे ट्रांसमीटर, कॉकपिट उपकरण और एंटेना—को रूस को ट्रांसफर किया। हालांकि HAL ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सभी उपकरण भारत के घरेलू उपयोग के लिए मंगवाए गए थे, और किसी भी तकनीक को न रूस और न किसी अन्य देश को ट्रांसफर किया गया है।
HAL का कहना है कि उसने हर अंतरराष्ट्रीय रक्षा व्यापार नियम और निर्यात नियंत्रण गाइडलाइन का कड़ाई से पालन किया है। वहीं, भारत सरकार ने भी रिपोर्ट को “भ्रामक और मनगढ़ंत” बताते हुए NYT पर राजनीतिक एजेंडा चलाने का आरोप लगाया है।
जानकारों का मानना है कि यह विवाद भारत की रूस के साथ दशकों पुरानी सामरिक साझेदारी से उपजी जलन का परिणाम है। भारत और रूस ने मिलकर SU-30 MKI फाइटर जेट, ब्रह्मोस मिसाइल जैसे कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। अब रूस भारत को S-500 मिसाइल सिस्टम के ज्वाइंट प्रोडक्शन का प्रस्ताव भी दे चुका है।
पश्चिमी देशों की कोशिश है कि भारत पूरी तरह अमेरिकी ब्लॉक में आ जाए, लेकिन भारत ने न रूस से दूरी बनाई है, न अमेरिका के दबाव में झुका है। ऐसे में HAL पर यह हमला एक रणनीतिक साजिश के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि भारत की बढ़ती आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता और स्वतंत्र विदेश नीति पर अंकुश लगाया जा सके।













