गिदोन चैरियट ऑपरेशन: गाजा और यमन पर इज़रायली कहर, ट्रंप को किनारे कर शुरू हुआ अब तक का सबसे भीषण हमला
गिदोन चैरियट ऑपरेशन: गाजा और यमन पर इज़रायली कहर, ट्रंप को किनारे कर शुरू हुआ अब तक का सबसे भीषण हमला
गाजा में 100 से ज्यादा मौतें, यमन के बंदरगाहों पर हमले; हमास के खिलाफ निर्णायक जंग में उतरा इज़राइल, बंधकों की रिहाई और आतंक के खात्मे का लक्ष्य
इज़राइल ने ‘ऑपरेशन गिदोन चैरियट’ के तहत गाजा और यमन में एक के बाद एक भीषण हमले शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को गाजा पर हवाई बमबारी में 100 से अधिक लोगों की मौत हुई, जिनमें 27 महिलाएं और 31 बच्चे शामिल हैं। इज़रायली रक्षा बल (IDF) का दावा है कि इस ऑपरेशन का मकसद गाजा में सभी युद्ध लक्ष्यों को प्राप्त करना है—जिसमें बंधकों की रिहाई और हमास की हार प्रमुख उद्देश्य हैं।
गाजा के जबालिया और खान यूनिस क्षेत्रों में भारी तबाही देखी गई। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में सैकड़ों लोग घायल भी हुए हैं। इज़राइल ने यमन के दो बंदरगाहों को भी निशाना बनाया है, जिनका कथित तौर पर हूती विद्रोही हथियारों के लिए उपयोग कर रहे थे।
गौरतलब है कि यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खाड़ी देशों की यात्रा से लौटे हैं, लेकिन उन्होंने इज़राइल का दौरा नहीं किया। इससे युद्धविराम की संभावनाएं धूमिल होती दिख रही हैं।
इज़राइल का कहना है कि वह बातचीत के दबाव में नहीं आएगा और हमास पर सैन्य दबाव बनाकर बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करेगा। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले में 1,200 इज़रायली मारे गए थे, जिसके जवाब में यह युद्ध शुरू हुआ था। गाजा में अब तक 53,000 से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
इज़राइल का यह नया ऑपरेशन गाजा के साथ-साथ यमन में भी अशांति को और गहरा सकता है, और मध्य-पूर्व को एक नए संघर्ष के मुहाने पर ला खड़ा कर सकता है।













