• Home
  • About Us
  • Advertise With Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
Wednesday, February 11, 2026
  • Login
Lucknow Junction
Advertisement
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Magazine
  • अन्य
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Magazine
  • अन्य
No Result
View All Result
Lucknow junction

एच-वन-बी वीज़ा विवाद और आत्मनिर्भर भारत का अवसर

News-Desk by News-Desk
September 24, 2025
in विदेश
0
हरियाणा की ड्रीम पॉलिसी: शिक्षक तबादलों के अधूरे सपनों की हकीकत?




(अमेरिकी एच-वन-बी वीज़ा विवाद : भारतीय प्रवासी के लिए संकट, भारत के लिए अवसर)  

अमेरिका का नया एच-वन-बी वीज़ा शुल्क केवल आप्रवासन नीति का मुद्दा नहीं है बल्कि वैश्विक आर्थिक समीकरणों का संकेतक है। इससे भारतीय प्रवासी समुदाय में असुरक्षा तो बढ़ी है, लेकिन भारत के लिए यह रिवर्स ब्रेन ड्रेन का अवसर भी है। यदि लौटे हुए पेशेवरों के अनुभव, नेटवर्क और तकनीकी दक्षता को सही नीति समर्थन मिले तो भारत के स्टार्ट-अप, अनुसंधान और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई ऊर्जा मिल सकती है। चुनौती को अवसर में बदलकर भारत न केवल अपने कौशल पूँजी का उपयोग करेगा बल्कि वैश्विक वैल्यू चेन में भी मज़बूती से उभरेगा

खबरें हटके

मास्को:GRU के डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव पर हुए जानलेवा हमले में एक बड़ा खुलासा

वॉशिंगटन-अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी कनाडा और क्यूबा को धमकी

– डॉ सत्यवान सौरभ

हाल ही में अमेरिका ने अपनी बहुप्रतीक्षित एच-वन-बी वीज़ा नीति में बड़ा बदलाव करते हुए नए आवेदनों पर एक लाख अमेरिकी डॉलर की भारी फीस लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह निर्णय केवल आप्रवासन नीति का मामला नहीं है बल्कि बदलते वैश्विक आर्थिक समीकरणों और श्रम बाज़ार की गहरी हलचलों का प्रतीक है। भारतीय पेशेवर, जो अब तक एच-वन-बी वीज़ा धारकों का लगभग सत्तर प्रतिशत हिस्सा बनाते थे, इस कदम से सीधे प्रभावित हो रहे हैं। लेकिन यही संकट भारत के लिए अवसर भी ला सकता है। यदि लौटती हुई प्रतिभाओं यानी रिवर्स ब्रेन ड्रेन का सही इस्तेमाल हो तो यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

एच-वन-बी वीज़ा लंबे समय से अमेरिकी तकनीकी कंपनियों की रीढ़ रहा है। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न जैसी दिग्गज कंपनियों में बड़ी संख्या में भारतीय आईटी पेशेवर कार्यरत हैं। किंतु अब अमेरिका में संरक्षणवादी रुझान और आर्थिक राष्ट्रवाद खुलकर सामने आ रहा है। विकसित देश अपने घरेलू श्रमिक वर्ग को संतुष्ट करने के दबाव में बाहरी प्रतिभाओं पर निर्भरता घटाने लगे हैं। यह एक विरोधाभासी स्थिति है क्योंकि अमेरिकी श्रम बाज़ार में उच्च तकनीकी क्षेत्रों में पर्याप्त घरेलू संसाधन नहीं हैं, लेकिन राजनीतिक दबाव इसे बाहर से आने वाले लोगों पर रोक लगाने के लिए मजबूर कर रहा है। अमेरिका आव्रजन को केवल श्रम गतिशीलता का विषय नहीं मानता बल्कि इसे व्यापारिक हथियार के रूप में भी प्रयोग कर रहा है। वीज़ा शुल्क में इस प्रकार की बढ़ोतरी से न केवल राजस्व अर्जित होगा बल्कि अन्य देशों पर राजनीतिक दबाव भी डाला जाएगा। इसी दौरान कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश अपनी आप्रवासन नीतियों को उदार बना रहे हैं। इसका सीधा अर्थ है कि वैश्विक प्रतिभा प्रतिस्पर्धा का भूगोल बदल रहा है और अमेरिका का आकर्षण धीरे-धीरे कम हो सकता है।

इस नीति परिवर्तन का असर भारतीय प्रवासी समुदाय पर बहुआयामी है। एक ओर लाखों परिवारों में नौकरी की असुरक्षा और भविष्य की अनिश्चितता का माहौल बन गया है। बच्चों की पढ़ाई, सामाजिक जीवन और पारिवारिक स्थिरता पर इसका असर पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर भारत में इसका सकारात्मक पक्ष भी उभर रहा है। बड़ी संख्या में पेशेवर भारत लौटने के लिए प्रेरित होंगे। वे केवल पूँजी ही नहीं बल्कि वैश्विक अनुभव, नेटवर्क और तकनीकी दक्षता भी लेकर आएँगे। इस प्रकार भारत के स्टार्ट-अप और यूनिकॉर्न इकोसिस्टम को नई ऊर्जा मिल सकती है। विदेशों से लौटे पेशेवरों के पास निवेशकों का दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार का अनुभव होगा, जिससे भारत का उद्यमिता वातावरण और मजबूत हो सकता है।

एक और बड़ा अवसर यह है कि लौटे हुए विशेषज्ञ भारत के अनुसंधान और विकास क्षेत्र में अहम योगदान देंगे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जैव प्रौद्योगिकी, क्वांटम कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। यदि लौटे हुए वैज्ञानिक और इंजीनियर भारतीय संस्थानों से जुड़ें तो देश में नवाचार की गति तेज़ हो सकती है। इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को वास्तविक बल मिलेगा। इसके अलावा डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलें उन प्रतिभाशाली पेशेवरों की मदद से मज़बूत होंगी जो विदेशों में आधुनिक तकनीकी अनुभव लेकर आएंगे।

भारत के लिए यह समय केवल इंतजार करने का नहीं है, बल्कि ठोस नीतिगत कदम उठाने का है। सरकार को लौटती प्रतिभाओं का स्वागत करने के लिए विशेष योजनाएँ बनानी होंगी। उदाहरण के लिए रिटर्निंग टैलेंट स्कीम के तहत विदेशों से लौटने वाले पेशेवरों को कर में छूट, निवेश प्रोत्साहन और विशेष स्टार्ट-अप पैकेज दिए जा सकते हैं। विश्वविद्यालयों और उद्योगों के बीच सहयोग के लिए उच्चस्तरीय शोध प्रयोगशालाएँ और नवाचार केंद्र विकसित किए जा सकते हैं। निजी क्षेत्र को अनुसंधान और विकास में निवेश बढ़ाने के लिए कर रियायत और प्रोत्साहन दिया जा सकता है। इसके साथ ही वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी फंड्स को प्रवासी पेशेवरों के अनुभव से जोड़कर वित्तीय इकोसिस्टम को मज़बूत करना आवश्यक होगा।

लौटे हुए प्रवासियों और उनके परिवारों के लिए सामाजिक पुनर्वास योजनाएँ भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। यदि उन्हें भारत में बसने के दौरान कठिनाइयाँ झेलनी पड़ेंगी तो उनकी प्रतिभा का पूरा लाभ नहीं उठाया जा सकेगा। सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं में उन्हें आसानी उपलब्ध करानी होगी ताकि वे बिना किसी झंझट के समाज और अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन सकें।

इस प्रकार एच-वन-बी वीज़ा विवाद भारत के सामने दोहरी चुनौती पेश करता है। एक ओर लाखों प्रवासी भारतीयों की आजीविका और भविष्य की चिंता है, तो दूसरी ओर यही संकट भारत के लिए सुनहरा अवसर भी है। यदि भारत इस अवसर का लाभ उठाकर रिवर्स ब्रेन ड्रेन को अपनी ताकत बना लेता है तो आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी। संकट हमें यह याद दिलाता है कि आत्मनिर्भरता केवल नारे से नहीं बल्कि दूरदर्शी नीतियों और वैश्विक अवसरों को साधने की क्षमता से संभव है।

Post Views: 5

Post Views: 69
Previous Post

रेणुकूट-गणेश पूजन के साथ हिण्डाल्को में रामलीला मंचन का शुभारंभ

Next Post

dehradun-10 हजार दम्पतियों को मिला आईवीएफ तकनीकी का लाभः डॉ. धन सिंह रावत*

Related Posts

मास्को:GRU के डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव पर हुए जानलेवा हमले में एक बड़ा खुलासा
विदेश

मास्को:GRU के डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव पर हुए जानलेवा हमले में एक बड़ा खुलासा

by News-Desk
February 8, 2026
वॉशिंगटन-अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी कनाडा और क्यूबा को धमकी
विदेश

वॉशिंगटन-अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी कनाडा और क्यूबा को धमकी

by News-Desk
January 30, 2026
नई दिल्ली-आतंकवाद को लेकर भारत के विदेश मंत्री ने इस देश से मांगी मदद
विदेश

नई दिल्ली-आतंकवाद को लेकर भारत के विदेश मंत्री ने इस देश से मांगी मदद

by News-Desk
January 19, 2026
हाशिये पर जाती पढ़ाई और फाइलों में उलझता शिक्षक तंत्र
विदेश

ईरान, ट्रंप और प्रतिरोध की राजनीति

by News-Desk
January 15, 2026
वाशिंगटन-अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में एयरक्राफ्ट कैरियर ‘USS अब्राहम लिंकन’ तैनात कर दिया
विदेश

वाशिंगटन-अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में एयरक्राफ्ट कैरियर ‘USS अब्राहम लिंकन’ तैनात कर दिया

by News-Desk
January 8, 2026
Next Post
dehradun-10 हजार दम्पतियों को मिला आईवीएफ तकनीकी का लाभः डॉ. धन सिंह रावत*

dehradun-10 हजार दम्पतियों को मिला आईवीएफ तकनीकी का लाभः डॉ. धन सिंह रावत*

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Cricket Live Score

POPULAR NEWS

No Content Available

EDITOR'S PICK

कांवड़ सेवा शिविर के मुख्य अतिथि के रुप मे पहुचे ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर

February 28, 2025
कनाडा के वैंकूवर में लापु लापु फेस्टिवल के दौरान कार ने मारी भीड़ को टक्कर, कई की मौत, दर्जनों घायल

कनाडा के वैंकूवर में लापु लापु फेस्टिवल के दौरान कार ने मारी भीड़ को टक्कर, कई की मौत, दर्जनों घायल

April 29, 2025
ड्रैगन-हाथी की जोड़ी! ट्रंप की टैरिफ धमकी के बीच जिनपिंग ने भारत के साथ दोस्ती का बढ़ाया हाथ

ड्रैगन-हाथी की जोड़ी! ट्रंप की टैरिफ धमकी के बीच जिनपिंग ने भारत के साथ दोस्ती का बढ़ाया हाथ

April 2, 2025
यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता को पुर्तगाल का समर्थन, राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा रही सफल

यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता को पुर्तगाल का समर्थन, राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा रही सफल

April 10, 2025

About Us

लखनऊ जंक्शन एक विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल है, जो लखनऊ और आसपास की ताज़ा, सटीक और निष्पक्ष खबरें आप तक पहुँचाने के लिए समर्पित है। राजनीति, समाज, शिक्षा, व्यापार, खेल और मनोरंजन से जुड़ी हर अहम जानकारी यहां मिलेगी। हम आपकी आवाज़ को मंच देने और शहर की हर हलचल से आपको अपडेट रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लखनऊ की हर खबर, सबसे पहले, निष्पक्ष और विश्वसनीय रूप में!
E-Mail Id-lucknowjunction51@gmail.com

Follow us

Categories

  • E-Magazine
  • अन्य
  • उत्तर प्रदेश
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • विभागीय
  • विशेष

Our Visitors

1825227
Total Visitors
539
Visitors Today

Recent Posts

  • पीएनबी ने अपने 132वें स्थापना दिवस के पूर्व ‘पीएनबी सोल्जरथॉन 2026’ की घोषणा की February 10, 2026
  • LUCKNOW-भाजपा सरकार के झूठ और हवाई वादों का पुलिंदा है राज्यपाल महोदया का अभिभाषण ,- आराधना मिश्रा February 9, 2026
  • जगदलपुर:भारत की संस्कृति का आभूषण है बस्तर – केंद्रीय गृहमंत्री February 9, 2026
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Magazine
  • अन्य

©Copyright 2025, All Rights Reserved For Lucknow Junction by RA.Tech (7985291626)

No Result
View All Result
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • अन्य
  • E-Magazine
  • Login

©Copyright 2025, All Rights Reserved For Lucknow Junction by RA.Tech (7985291626)

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In