• Home
  • About Us
  • Advertise With Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
Wednesday, February 11, 2026
  • Login
Lucknow Junction
Advertisement
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Magazine
  • अन्य
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Magazine
  • अन्य
No Result
View All Result
Lucknow junction

,श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो पवित्र शहर का दर्जा घोषित

News-Desk by News-Desk
December 19, 2025
in देश
0
,श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो पवित्र शहर का दर्जा घोषित

खबरें हटके

क्यों गायब हो रहे बच्चे?

प्रदूषण बढ़ा, लेकिन बजट कम हो गया

सिख धर्म की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना के केंद्र तीन शहर अमृतसर की वाल्ड सिटी,श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो पवित्र शहर का दर्जा घोषित

पवित्र शहर घोषित करना,एक राज्य की नीति नहीं,बल्कि भारत की आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक प्रशासनिक ढाँचे के साथ जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयोग है- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

गोंदिया – भारत को विश्व स्तर पर जिस पहचान ने सबसे अधिक प्रतिष्ठा दिलाई है, वह उसकी आध्यात्मिक चेतना,आस्था- आधारित जीवन-दृष्टि और धर्म, दर्शन व नैतिकता से जुड़ी सांस्कृतिक परंपरा है।प्राचीन काल से ही भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं रहा,बल्कि एक आध्यात्मिक सभ्यता के रूप में विकसित हुआ है, जहाँ जीवन के भौतिक पक्ष के साथ-साथ आत्मिक शुद्धता,संयम और नैतिक अनुशासन को सर्वोच्च स्थान दिया गया।इसी परंपरा के अंतर्गत देश के अनेक शहर, कस्बे और तीर्थ स्थल ऐसे रहे हैं जिन्हें केवल रहने या व्यापार के केंद्र के रूप में नहीं,बल्कि साधना, सेवा और सामाजिक शुद्धता के प्रतीक के रूप में देखा गया। वर्तमान वैश्विक दौर में जब शहरीकरण,उपभोक्तावाद और नशाखोरी सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर रहे हैं,तब पवित्र शहरों की अवधारणा न केवल धार्मिक,बल्कि सामाजिक, प्रशासनिक और स्वास्थ्यगत दृष्टि से भी अत्यंत प्रासंगिक हो जाती है।वैश्विक स्तर पर यह देखा जा रहा है कि आधुनिक शहरों में जीवन -शैली से जुड़ी बीमारियाँ, मानसिक तनाव,नशे की लत, अपराध और सामाजिक विघटन तेजी से बढ़ रहा है।ऐसे में भारत जैसे देश से यह अपेक्षा स्वाभाविक है कि वह अपनी आध्यात्मिकविरासत के आधार पर एक वैकल्पिक शहरी मॉडल प्रस्तुत करे,जहाँ विकास का अर्थ केवल आर्थिक वृद्धि न होकर सामाजिक शुद्धता,नैतिक अनुशासन और सार्वजनिक स्वास्थ्य से भी जुड़ा हो। पवित्र शहर घोषित करने की पहल इसी दिशा में एक ठोस कदम के रूप में देखी जा सकती है। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक भावनाओं की रक्षा करना नहीं, बल्कि स्वच्छ प्रशासन, स्वस्थ समाज और नशा-मुक्त जीवन की ओर सामूहिक यात्रा को संभव बनाना है।पंजाब,जिसकी रूह में भक्ति की महक जिसकी गलियों में गूंजती है गुरु नानक की शिक्षाएं, जहां क़ी मिट्टी में घुली श्रद्धा धार्मिकता सिर्फ पूजा अर्चना तक सीमित नहीं है बल्कि यहां की संस्कृति बोलचाल यहां की पहचान है, गुरुद्वारों की घंटियां और खेतों की हरियालियां जैसे साथ-साथ चलती है वैसे ही पंजाब की जिंदगी में धर्म और श्रद्धा क़ा अद्भुत संगम दिखता है वहां तीन शहरों को पवित्र नगरी का दर्जा मिल गया है,इसी संदर्भ में पंजाब सरकार द्वारा तीन प्रमुख धार्मिक शहरों को पवित्र शहर घोषित होना राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष महत्व रखता है। पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा 25 नवंबर 2025 को की गई घोषणा के बाद राज्यपाल की मंजूरी मिलने पर सरकार ने औपचारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया, जिससे यह फैसला नीतिगत और प्रशासनिक रूप से प्रभावी हो गया। यह केवल एकप्रतीकात्मक निर्णय नहीं है,बल्कि इसके साथ स्पष्ट नियम,प्रतिबंध जिम्मेदारियाँ और प्रशासनिक ढाँचा भी तय किया गया है। यह तथ्य इसे एक गंभीर और अनुकरणीय मॉडल बनाता है।

साथियों बात अगर कर हम घोषित पवित्र सिटियों  की करें तो पंजाब में जिन तीन शहरों को पवित्र शहर का दर्जा दिया गया है,उनमें अमृतसर की वाल्ड सिटी श्री आनंदपुर साहिब औरतलवंडी साबो शामिल हैं। ये तीनों शहर सिख धर्म की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना के केंद्र रहे हैं। अमृतसर की वाल्ड सिटी, जहाँ श्री हरिमंदिर साहिब स्थित है,न केवल सिखों बल्कि पूरी दुनिया के लिए आध्यात्मिक समरसता और सेवा का प्रतीक है। श्री आनंदपुर साहिब खालसा पंथ की स्थापना से जुड़ा हुआ है, जबकि तलवंडी साबो को ‘गुरु की काशी’ कहा जाता है, जहाँ गुरु गोबिंद सिंह जी ने लंबे समय तक निवास किया। इन शहरों की धार्मिक गरिमा को बनाए रखने के लिए लंबे समय से संगत और धार्मिक संगठनों द्वारा पवित्र शहर घोषित करने की मांग उठाई जाती रही है। सरकार द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार, इन तीनों शहरों में शराब, मांस और तंबाकू सहित सभी प्रकार के नशीले पदार्थों की बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह निर्णय केवल धार्मिक अनुशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी सामाजिक और स्वास्थ्यगत प्रभाव भी हैं।नशा मुक्तवातावरण से न केवल अपराध और हिंसा में कमी आने की संभावना बढ़ती है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार, पारिवारिक स्थिरता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई देशों में धार्मिक या सांस्कृतिक महत्व वाले क्षेत्रों में ऐसे प्रतिबंध देखने को मिलते हैं, परंतु भारत जैसे विशाल और विविध देश में इस प्रकार का स्पष्ट और व्यापक निर्णय विशेष महत्व रखता है।पंजाब सरकार का दावा है कि यह फैसला संगत की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है। इसके साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पवित्र शहर घोषित होने के बाद इन क्षेत्रों में सफाई, सुरक्षा,विकास और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएँ लागू कीजाएँगी। यह पहल यह दर्शाती है कि सरकार पवित्रता को केवल निषेधात्मक नीति के रूप में नहीं, बल्कि सकारात्मक विकास मॉडल के रूप में देख रही है।स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना,भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक कंट्रोल को बेहतर बनाना, ऐतिहासिक गलियों और धार्मिक मार्गों का सौंदर्यीकरण करना,ये सभी कदम धार्मिक पर्यटन को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

साथियों बात अगर हम पवित्र शहर घोषित होने के प्रभाव की करें तो,पवित्र शहरों में अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की बात भी इस नीति का एक अहम पक्ष है। अक्सर देखा गया है कि धार्मिक स्थलों के आसपास अवैध पार्किंग, अतिक्रमण, अनधिकृत दुकानों और दलालों की गतिविधियाँ बढ़ जाती हैं,जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा होती है और धार्मिक वातावरण भी प्रभावित होता है। सरकार द्वारा इन गतिविधियों पर सख्ती का संकेत यह दर्शाता है कि पवित्र शहरों की अवधारणा को केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि प्रशासनिक अनुशासन से भी जोड़ा जा रहा है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पवित्र शहरों में अब शराब,मांसाहारी वस्तुएँ, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसके साथ ही धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले आयोजनों,पोस्टरों या गतिविधियों पर भी रोक लगेगी। यह निर्णय सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक सम्मान की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने,अव्यवस्थित पार्किंग और भीड़ बढ़ाने वालेव्यवहार पर सख्ती करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पवित्र शहर केवल नाम के नहीं,बल्कि व्यवहार और व्यवस्था के स्तर पर भी पवित्र दिखें।महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार ने यह संतुलन भी बनाए रखा है कि दैनिक जरूरतों से जुड़ी सेवाओं पर कोई अनावश्यक रोक न लगे।फल- सब्जी दूध,अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकानों पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं होगा। धार्मिक कार्यक्रमों, संगत के आवागमन और स्थानीय निवासियों की सामान्य दिनचर्या पर भी कोई रोक नहीं लगाई गई है।इससे यह स्पष्ट होता है कि पवित्र शहर की अवधारणा को जीवन-विरोधी नहीं, बल्कि जीवन-संवर्धक दृष्टि से लागू किया जा रहा है। आवश्यक सेवाओं कीउपलब्धता और आवाजाही की स्वतंत्रता बनाए रखना इस नीति की व्यावहारिकता को दर्शाता है।

साथियों बात अगर हम जारी किए गए नोटिफिकेशन की करें तो, इस नोटिफिकेशन की एक विशेषता यह भी है कि इसमें विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियाँ स्पष्ट रूप से तय की गई हैं। ओवरऑल मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी जिले के डिप्टी कमिश्नर को सौंपी गई है, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित होती है।एक्साइज विभाग को निर्देश दिया गया है कि इन तीनों शहरों में शराब और उससे संबंधित उत्पादों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाए। यह विभागीय जिम्मेदारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि शराब बिक्री से जुड़े हित अक्सर मजबूत होते हैं और बिना स्पष्ट आदेश के प्रतिबंध प्रभावी नहीं हो पाते।सेहत विभाग को सिगरेट, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध के आदेश जारी करने के लिए कहा गया है। इससे यह संदेश जाता है कि सरकार नशा-मुक्ति को केवल नैतिक या धार्मिक मुद्दा नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रश्न के रूप में देख रही है। पशुपालन विभाग को मांस और उससे संबंधित उत्पादों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लागू कराने की जिम्मेदारी दी गई है, जो इस नीति के बहु-विभागीय स्वरूप को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त अमृतसर, रोपड़ और बठिंडा के डिप्टी कमिश्नरों को अपने-अपने जिलों में पवित्र शहर के तय मानदंडों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।पंजाब का यह मॉडल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह केवल राज्य-स्तरीय निर्णय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जाने योग्य एक नीति-ढाँचा प्रस्तुत करता है। भारत में काशी, अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, उज्जैन, द्वारका, पुरी, तिरुपति और मदुरै जैसे अनेक शहर हैं, जहाँ धार्मिक आस्था और जनजीवन गहराई से जुड़ा हुआ है। यदि पंजाब मॉडल की तरह स्पष्ट नियमों, विभागीय जिम्मेदारियों और संतुलित प्रतिबंधों के साथ इन शहरों को पवित्र शहर के रूप में विकसित किया जाए, तो इससे न केवल धार्मिक गरिमा की रक्षा होगी, बल्कि स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामाजिक अनुशासन को भी मजबूती मिलेगी।

साथियों बात अगर हम अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में देखेंनें की करें तो, यह मॉडल भारत की सॉफ्ट पावर को भी सुदृढ़ करता है।जब दुनियाँ भारत को केवल आर्थिक या तकनीकी शक्ति के रूप में नहीं, बल्कि एक नैतिक और आध्यात्मिक नेतृत्व देने वाले देश के रूप में देखेगी, तो उसकी वैश्विक छवि और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि श्रद्धालु और पर्यटक ऐसे शहरों की ओर अधिक आकर्षित होते हैं, जहाँ स्वच्छता, सुरक्षा और सांस्कृतिक अनुशासन सुनिश्चित हो।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे क़ि पंजाब द्वारा तीन पवित्र शहर घोषित करने का निर्णय केवल एक राज्य की नीति नहीं,बल्कि भारत की आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक प्रशासनिक ढाँचे के साथ जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयोग है। यह प्रयोग दिखाता है कि आस्था और विकास एक-दूसरे के विरोधी नहीं,बल्कि पूरक हो सकते हैं।यदि इसे संवेदनशीलता, सख्ती और संतुलन के साथ लागू किया गया, तो यह मॉडल न केवल पूरे देश के लिए, बल्कि विश्व के उन समाजों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है, जो आधुनिकता और आध्यात्मिकता के बीच सामंजस्य की तलाश में हैं।

-संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 9284141425

Post Views: 17
Previous Post

Lucknow junction pdf 19 dec 2025

Next Post

बहुभाषावाद को बढ़ावा

Related Posts

सुनो नहरों की पुकार : जब आस्था पर्यावरण से संवाद करती है
देश

क्यों गायब हो रहे बच्चे?

by News-Desk
February 11, 2026
प्रदूषण बढ़ा, लेकिन बजट कम हो गया
देश

प्रदूषण बढ़ा, लेकिन बजट कम हो गया

by News-Desk
February 11, 2026
पीएनबी ने अपने 132वें स्थापना दिवस के पूर्व ‘पीएनबी सोल्जरथॉन 2026’ की घोषणा की
देश

पीएनबी ने अपने 132वें स्थापना दिवस के पूर्व ‘पीएनबी सोल्जरथॉन 2026’ की घोषणा की

by News-Desk
February 10, 2026
जगदलपुर:भारत की संस्कृति का आभूषण है बस्तर – केंद्रीय गृहमंत्री
देश

जगदलपुर:भारत की संस्कृति का आभूषण है बस्तर – केंद्रीय गृहमंत्री

by News-Desk
February 9, 2026
उत्तर प्रदेश आर्थिक समीक्षा 2025-26*
देश

उत्तर प्रदेश आर्थिक समीक्षा 2025-26*

by News-Desk
February 9, 2026
Next Post
पंजाब का जल संकट -सिमटते जलस्रोत व ज़हरीला होता पेयजल

बहुभाषावाद को बढ़ावा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Cricket Live Score

POPULAR NEWS

No Content Available

EDITOR'S PICK

ट्रंप के टैरिफ से बौखलाया चीन, जिनपिंग का तीन देशों का तूफानी दौरा शुरू – क्या भारत भी एजेंडे में है?

ट्रंप के टैरिफ से बौखलाया चीन, जिनपिंग का तीन देशों का तूफानी दौरा शुरू – क्या भारत भी एजेंडे में है?

April 13, 2025
कन्नौज: महिला से गैंगरेप, पुलिस ने नही लिखी रिपोर्ट तो लिया कोर्ट का सहारा

बैंकॉक में यूपी टूरिज्म की इंटरनेशनल ब्रांडिंग की तैयारी में जुटी योगी सरकार*

June 7, 2025
भोले की शक्ति भोले की ताकत सावन के महीने में एक नई ऊर्जा प्रदान करती है – डॉ दर्शन लाल अरोड़ा

भोले की शक्ति भोले की ताकत सावन के महीने में एक नई ऊर्जा प्रदान करती है – डॉ दर्शन लाल अरोड़ा

July 22, 2023
“व्हाइट हाउस में घुस कर मारेंगे!” पाकिस्तानी पैनलिस्ट की गीदड़भभकी से अमेरिका भौचक्का

“व्हाइट हाउस में घुस कर मारेंगे!” पाकिस्तानी पैनलिस्ट की गीदड़भभकी से अमेरिका भौचक्का

May 15, 2025

About Us

लखनऊ जंक्शन एक विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल है, जो लखनऊ और आसपास की ताज़ा, सटीक और निष्पक्ष खबरें आप तक पहुँचाने के लिए समर्पित है। राजनीति, समाज, शिक्षा, व्यापार, खेल और मनोरंजन से जुड़ी हर अहम जानकारी यहां मिलेगी। हम आपकी आवाज़ को मंच देने और शहर की हर हलचल से आपको अपडेट रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लखनऊ की हर खबर, सबसे पहले, निष्पक्ष और विश्वसनीय रूप में!
E-Mail Id-lucknowjunction51@gmail.com

Follow us

Categories

  • E-Magazine
  • अन्य
  • उत्तर प्रदेश
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • विभागीय
  • विशेष

Our Visitors

1826638
Total Visitors
1949
Visitors Today

Recent Posts

  • क्यों गायब हो रहे बच्चे? February 11, 2026
  • प्रदूषण बढ़ा, लेकिन बजट कम हो गया February 11, 2026
  • Lucknow junction 11 feb 2026 February 11, 2026
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Magazine
  • अन्य

©Copyright 2025, All Rights Reserved For Lucknow Junction by RA.Tech (7985291626)

No Result
View All Result
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • अन्य
  • E-Magazine
  • Login

©Copyright 2025, All Rights Reserved For Lucknow Junction by RA.Tech (7985291626)

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In