कन्नौज: मंडी परिसर में लगी आग, 9 वाहन स्वाहा
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज(BNE)मंडी समिति में लगी भीषण आग ने 9 कंडम वाहनों को राख में तब्दील कर दिया। इन वाहनों में एक डीसीएम भी शामिल था। आग मंडी समिति के पूर्वी कोने में कूड़े के ढेर में लगी, जिसने देखते ही देखते खड़े वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया।
फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही जल गए वाहन
मंडी समिति के कर्मचारियों ने आग लगते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन दमकल के पहुंचने से पहले ही आग ने भीषण रूप ले लिया। ये वाहन करीब 7 साल से मंडी समिति परिसर में खड़े थे और इनमें से कई पहले जब्त किए गए वाहन थे।
एआरटीओ दफ्तर से जुड़े हो सकते हैं वाहन, लेकिन अधिकारी अनजान
जानकारी के मुताबिक, पहले इस परिसर में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी का दफ्तर था। तब अनियमितता में पकड़े गए वाहनों को यहीं खड़ा किया जाता था। जब इस बारे में एआरटीओ इज्या तिवारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने इस घटना से अनभिज्ञता जताई। उनका कहना था कि ये वाहन उनके विभाग से संबंधित हैं या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।
सफाई ठेकेदार की लापरवाही बनी आग की वजह?
मंडी समिति के सफाई ठेकेदार की लापरवाही इस आग की बड़ी वजह मानी जा रही है। ठेकेदार शिवम त्रिवेदी ने बताया कि साल में दो बार कूड़ा हटवाया जाता है और अब तक तीन बार कूड़ा हटवाया जा चुका था। ठेके की अवधि 30 मार्च को खत्म होने वाली थी, और वे एक-दो दिन बाद कूड़ा हटाने वाले थे, लेकिन तब तक आग लग गई।
क्या जानबूझकर लगाई गई आग?
मंडी समिति के कुछ आढ़तियों ने ऑफ कैमरा आरोप लगाया कि पैसा बचाने के लिए जानबूझकर आग लगाई गई हालांकि, इस दावे की अभी पुष्टि नहीं हो सकी है।
2018 में एआरटीओ दफ्तर हो चुका है शिफ्ट
गौरतलब है कि कन्नौज का एआरटीओ दफ्तर पहले मंडी समिति में संचालित होता था। वर्ष 2018 में यह सदर कोतवाली क्षेत्र के बलही गांव के पीछे नए भवन में शिफ्ट हुआ। इसके बाद मंडी समिति को इस दफ्तर से छुटकारा मिला, लेकिन वर्षों से खड़े वाहन अब भी वहां मौजूद थे।













