अमेरिका का ‘लिबरेशन डे’! ट्रंप बोले- अब हम नियंत्रण वापस ले रहे
रेसिप्रोकल टैरिफ की बड़ी घोषणा, 15 देशों पर गिरेगी गाज!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘लिबरेशन डे’ पर एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अमेरिका अब दुनिया का गुल्लक नहीं रहेगा। ट्रंप ने 2 अप्रैल को अमेरिका के घरेलू उद्योगों को विदेशी निर्भरता से मुक्त करने का दिन करार दिया। उन्होंने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर कहा— “आज, हम नियंत्रण वापस ले रहे हैं!” इसी कड़ी में, ट्रंप आज अमेरिकी समयानुसार शाम 4:00 बजे (भारतीय समयानुसार रात 1:30 बजे) रोज गार्डन में ‘मेक अमेरिका वेल्दी अगेन’ इवेंट में रेसिप्रोकल टैरिफ की औपचारिक घोषणा करेंगे।
‘डर्टी 15’ देशों पर सख्त कार्रवाई
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने अमेरिका के 15% व्यापारिक साझेदारों को “डर्टी 15” करार दिया है, जो अमेरिकी वस्तुओं पर भारी टैरिफ लगाते हैं। इन देशों में चीन, भारत, यूरोपीय संघ, मेक्सिको, वियतनाम, जर्मनी, जापान, दक्षिण कोरिया और कनाडा समेत 15 देश शामिल हैं। हालांकि, इन देशों की सूची आधिकारिक रूप से घोषित नहीं की गई, लेकिन अमेरिका के 2024 व्यापार घाटे की रिपोर्ट में इन नामों का जिक्र है।
कौन से टैरिफ लागू होंगे?
नए टैरिफ में कई उद्योगों पर असर पड़ेगा। इनमें शामिल हैं:
- ऑटोमोबाइल और स्पेयर पार्ट्स पर 25% टैरिफ, जो 4 अप्रैल से लागू होगा।
- फार्मास्यूटिकल्स और सेमीकंडक्टर्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर अतिरिक्त शुल्क।
- अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष रखने वाले देशों पर कड़े व्यापार प्रतिबंध।
अमेरिकी उपभोक्ताओं पर असर?
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ये टैरिफ अमेरिकी बाजार में मुद्रास्फीति बढ़ा सकते हैं और अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर धकेल सकते हैं। हालांकि, ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह फैसला अमेरिका की आर्थिक संप्रभुता को मजबूत करेगा और देश को विदेशी व्यापार पर निर्भरता से मुक्त करेगा।
क्या ट्रंप की ये नई रणनीति अमेरिका को वाकई फायदा पहुंचाएगी या वैश्विक व्यापार युद्ध को और भड़का देगी? आने वाले दिनों में इसका असर देखने को मिलेगा!













