• Home
  • About Us
  • Advertise With Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
Wednesday, February 11, 2026
  • Login
Lucknow Junction
Advertisement
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Magazine
  • अन्य
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Magazine
  • अन्य
No Result
View All Result
Lucknow junction

Disillusionment with foreign lands-परदेश से मोहभंग

News-Desk by News-Desk
April 18, 2025
in ट्रेंडिंग न्यूज़, विदेश
0
Disillusionment with foreign lands-परदेश   से मोहभंग

खबरें हटके

मास्को:GRU के डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव पर हुए जानलेवा हमले में एक बड़ा खुलासा

वॉशिंगटन-अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी कनाडा और क्यूबा को धमकी

Disillusionment with foreign lands-परदेश से मोहभंग

यह खबर चौंकाने वाली है कि बीते साल विदेश जाने वाले छात्रों की संख्या में 25 फीसदी की कमी आई है। जबकि अमेरिका जाने वाले छात्रों की संख्या में 36 और कनाडा जाने वाले छात्रों की संख्या में 34 फीसदी की कमी आई है। कमोबेश यही स्थिति ब्रिटेन की भी है। ये आंकड़े वर्ष 2024 के हैं। निश्चित तौर पर जब ट्रंप काल में उखाड़-पछाड़ के दौर के आंकड़े सामने आएंगे, तो वे ज्यादा चौंकाने वाले होंगे। एक समय था कि छात्रों में परदेस जाकर पढ़ाई करने का जुनून उफान पर था। हर साल मां-बाप खून-पसीने की कमाई से और अपना पेट काटकर बच्चों को पढ़ने के लिये विदेश भेज रहे थे। कहीं-कहीं तो खेत बेचकर और घर गिरवी रखकर बच्चों को विदेश पढ़ाने के लिए भेजने के मामले भी प्रकाश में आए। दरअसल, देश में बैंकों से एजुकेशन लोन मिलने की सुविधा ने भी छात्रों की विदेश यात्रा को सुगम बनाया। हर साल लाखों छात्र सुनहरे सपने लिये विदेश गमन कर रहे थे। ये जुनून पंजाब में विशेष रूप से देखा गया, जो कनाडा-अमेरिका आदि देशों में संपूर्ण भारत से जाने वाले छात्रों का साठ फीसदी था। जरूरी नहीं था कि ये सारे छात्र मेधावी थे और सब दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों में दाखिला पा रहे थे। इनमें कई विश्वविद्यालय ऐसे भी थे जो सिर्फ विदेशी छात्रों से कमाई करने के मकसद से चलाए जा रहे थे। वहीं कुछ विश्वविद्यालय ऐसे भी थे जो अवैध रूप से लोगों को विदेश भेजने वाले एजेंटों की कमाई का जरिया बने हुए थे। युवाओं को छात्र के रूप में इन देशों में भेजकर मोटी रकम वसूली जा रही थी। दरअसल, धीरे-धीरे छात्रों और उनके अभिभावकों को हकीकत का अहसास होता चला गया। उन्होंने महसूस किया कि वे मोटा पैसा खर्च करके जैसे-तैसे डिग्री तो पा सकते हैं, लेकिन ये नौकरी व ग्रीन कार्ड की गारंटी नहीं है। हां, कुछ छात्र किसी तरह छोटे-मोटे काम-धंधे करके अपनी पढ़ाई का खर्चा व घर का कर्जा उतारने का जुगाड़ जरूर कर लेते थे।

दरअसल, धीरे-धीरे अमेरिका, ब्रिटेन व कनाडा सरकारों के दुराग्रहों व उनकी प्राथमिकताओं ने छात्रों को खुरदुरी जमीन के यथार्थ से रूबरू करा दिया। छात्रों को एजेंटों ने जो सब्जबाग दिखाए थे, उनकी हकीकत सामने आने लगी। इसके अलावा कोरोना काल के बाद बिखरती अर्थव्यवस्थाएं, नौकरी के आकर्षक प्रस्तावों में कमी, वीजा मिलने में हो रही दिक्कतें, इन देशों के गोरी चमड़ी वाले लोगों के भारतीयों पर बढ़े हमलों ने छात्रों में मोहभंग की स्थिति उत्पन्न कर दी। बीते साल अमेरिका में कई भारतीय छात्रों पर नस्लीय हमले हुए। कई छात्रों की हत्या हुई और अनेक घायल हुए। कनाडा व ब्रिटेन में भारत विरोधी अभियानों तथा कनाडा में जस्टिन ट्रूडो के भारत विरोधी रवैये ने भी छात्रों का मोहभंग किया। वैसे देखा जाए तो विदेशी मुद्रा अर्जित करने के बजाय हम हर साल अरबों रुपये इन देशों को भेज रहे थे। दूसरी ओर छात्रों के विदेश जाने के मोहभंग होने का सार्थक पहलू यह भी है कि अब ये प्रतिभाएं देश में रहकर राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकती हैं। कुदरत का नियम है कि अपनी उर्वरा भूमि में ही पौधे अनुकूल वातावरण के चलते खिलते-निखरते हैं। ये हमारे नीति-नियंताओं की विफलता है कि आजादी के सात दशक बाद भी हम देश को अंतर्राष्ट्रीय मानकों वाले विश्वविद्यालय नहीं दे पाये। सामान्य शिक्षा में कौशल विकास के गुण को विकसित नहीं कर पाए। छात्रों में सरकारी नौकरियां पाने की लालसा को रचनात्मक विकल्प नहीं दे पाये। अमेरिका की सिलिकॉन वैली से लेकर आईटी से जुड़ी तमाम बड़ी कंपनियों को भारतीय प्रतिभाएं चला रही हैं। आखिर क्यों हम भारतीय मेधाओं को देश में ऐसा वातावरण नहीं दे पा रहे हैं, कि वे नई खोजों व अनुसंधान से देश को लाभान्वित कर सकें। भारत दुनिया में सबसे ज्यादा युवाओं वाला देश है। यदि हम उनकी क्षमता,योग्यता और प्रतिभा का बेहतर उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, तो यह हमारी बड़ी नाकामी है। देश के सत्ताधीशों को इस दिशा में गंभीरता से सोचना होगा कि क्यों छात्रों में विदेश जाने की होड़ लगी रहती थी। छात्रों को अनुकूल वातावरण देकर ही विकसित भारत के संकल्प पूरे हो सकते हैं।Disillusionment with foreign lands

विजय गर्ग सेवानिवृत्त प्रिंसिपल मलोट पंजाब 

 

Post Views: 41
Tags: Disillusionment with foreign lands-परदेश से मोहभंग
Previous Post

लाइव में रोना, प्यार का सौदा — एक डिजिटल दौर की त्रासदी

Next Post

जालंधर:धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में अभिनेता सनी देओल और रणदीप हुड्डा पर FIR दर्ज,

Related Posts

मास्को:GRU के डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव पर हुए जानलेवा हमले में एक बड़ा खुलासा
विदेश

मास्को:GRU के डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव पर हुए जानलेवा हमले में एक बड़ा खुलासा

by News-Desk
February 8, 2026
वॉशिंगटन-अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी कनाडा और क्यूबा को धमकी
विदेश

वॉशिंगटन-अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी कनाडा और क्यूबा को धमकी

by News-Desk
January 30, 2026
नई दिल्ली-आतंकवाद को लेकर भारत के विदेश मंत्री ने इस देश से मांगी मदद
विदेश

नई दिल्ली-आतंकवाद को लेकर भारत के विदेश मंत्री ने इस देश से मांगी मदद

by News-Desk
January 19, 2026
हाशिये पर जाती पढ़ाई और फाइलों में उलझता शिक्षक तंत्र
विदेश

ईरान, ट्रंप और प्रतिरोध की राजनीति

by News-Desk
January 15, 2026
वाशिंगटन-अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में एयरक्राफ्ट कैरियर ‘USS अब्राहम लिंकन’ तैनात कर दिया
विदेश

वाशिंगटन-अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में एयरक्राफ्ट कैरियर ‘USS अब्राहम लिंकन’ तैनात कर दिया

by News-Desk
January 8, 2026
Next Post
जालंधर:धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में अभिनेता सनी देओल और रणदीप हुड्डा पर FIR दर्ज,

जालंधर:धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में अभिनेता सनी देओल और रणदीप हुड्डा पर FIR दर्ज,

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Cricket Live Score

POPULAR NEWS

No Content Available

EDITOR'S PICK

JD Vance India Visit

JD Vance India Visit

April 22, 2025
रंग बदलने लगा अमेरिका: HAL पर रूस को तकनीक देने का आरोप, भारत ने बताया साजिश

रंग बदलने लगा अमेरिका: HAL पर रूस को तकनीक देने का आरोप, भारत ने बताया साजिश

May 17, 2025
कुछ बुरा होने वाला है!” ईरान को ट्रंप की सीधी धमकी, परमाणु समझौते पर जल्द फैसले का अल्टीमेटम

कुछ बुरा होने वाला है!” ईरान को ट्रंप की सीधी धमकी, परमाणु समझौते पर जल्द फैसले का अल्टीमेटम

May 18, 2025
तुर्किए में एर्दोआन के खिलाफ भड़का गुस्सा! ‘पिकाचू’ के कारण मोदी के विरोधी पर टूटा संकट

तुर्किए में एर्दोआन के खिलाफ भड़का गुस्सा! ‘पिकाचू’ के कारण मोदी के विरोधी पर टूटा संकट

April 2, 2025

About Us

लखनऊ जंक्शन एक विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल है, जो लखनऊ और आसपास की ताज़ा, सटीक और निष्पक्ष खबरें आप तक पहुँचाने के लिए समर्पित है। राजनीति, समाज, शिक्षा, व्यापार, खेल और मनोरंजन से जुड़ी हर अहम जानकारी यहां मिलेगी। हम आपकी आवाज़ को मंच देने और शहर की हर हलचल से आपको अपडेट रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लखनऊ की हर खबर, सबसे पहले, निष्पक्ष और विश्वसनीय रूप में!
E-Mail Id-lucknowjunction51@gmail.com

Follow us

Categories

  • E-Magazine
  • अन्य
  • उत्तर प्रदेश
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • विभागीय
  • विशेष

Our Visitors

1826651
Total Visitors
1963
Visitors Today

Recent Posts

  • क्यों गायब हो रहे बच्चे? February 11, 2026
  • प्रदूषण बढ़ा, लेकिन बजट कम हो गया February 11, 2026
  • Lucknow junction 11 feb 2026 February 11, 2026
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Magazine
  • अन्य

©Copyright 2025, All Rights Reserved For Lucknow Junction by RA.Tech (7985291626)

No Result
View All Result
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • अन्य
  • E-Magazine
  • Login

©Copyright 2025, All Rights Reserved For Lucknow Junction by RA.Tech (7985291626)

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In