राफेल पर फ्रांस का दो टूक बयान, पाकिस्तान को लगा करारा झटका
शहबाज़-मुनीर की झूठी कहानी की खुली पोल, भारत को मिला फ्रांस-इजराइल का कूटनीतिक और सैन्य समर्थन
भारत की मज़बूत कूटनीति एक बार फिर पाकिस्तान पर भारी पड़ी है। राफेल लड़ाकू विमान को लेकर झूठा प्रचार फैलाने वाले पाकिस्तान को करारा जवाब फ्रांस से मिला है। फ्रांस ने साफ शब्दों में कहा है कि उसके पास राफेल के गिरने की कोई जानकारी नहीं है। इससे पाकिस्तान की उस झूठी कहानी की पोल खुल गई, जिसमें राफेल के गिराए जाने का दावा किया गया था।
दरअसल, पाकिस्तान और उसके नेतृत्व ने यह दुष्प्रचार फैलाने की कोशिश की थी कि भारत को राफेल के “सोर्स कोड” नहीं मिले, लेकिन फ्रांस ने स्पष्ट किया कि कोई भी देश अपने युद्धक विमानों का कोड साझा नहीं करता — अमेरिका तक एफ-35 का कोड नहीं देता।
वहीं, इजरायल ने भी पाकिस्तान को तगड़ा झटका दिया है। न सिर्फ हथियार, बल्कि खुला समर्थन देकर उसने भारत का साथ निभाया है। इजरायली हथियारों — खासकर हेरोन ड्रोन और बराक-8 मिसाइल सिस्टम — ने पाकिस्तान की कमर तोड़ दी है। पाकिस्तानी सेना और मीडिया ने भी यह स्वीकार किया है कि उन्हें सबसे बड़ा नुकसान इन्हीं हथियारों से हुआ।
पाकिस्तान की ओर से दागी गई फतह-2 बैलिस्टिक मिसाइल को भारत के बराक-8 एयर डिफेंस सिस्टम ने सिरसा में हवा में ही नष्ट कर दिया। यह मिसाइल डीआरडीओ और इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज की संयुक्त देन है, जिसकी 70% तकनीक भारतीय है। यह प्रणाली कई तरह के हवाई खतरों को 100 किमी तक की दूरी से खत्म करने में सक्षम है।
भारत को अब मिल रहा है न सिर्फ सैन्य बढ़त, बल्कि वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक समर्थन भी — और यही पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी चिंता बन चुका है।













