Health Tips: बच्चों को बार-बार एंटीबायोटिक देना पड़ सकता है भारी, एक्सपर्ट ने बताई 7 बड़ी सावधानियां
Health Tips: बच्चों को बार-बार एंटीबायोटिक देना पड़ सकता है भारी, एक्सपर्ट ने बताई 7 बड़ी सावधानियां
सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही दें दवा, वरना कमजोर इम्युनिटी, पाचन दिक्कत और एलर्जी जैसे साइड इफेक्ट्स घेर सकते हैं आपका बच्चा
आजकल बच्चों को मामूली सर्दी-खांसी या बुखार में भी एंटीबायोटिक दे देना आम बात हो गई है। लेकिन डॉक्टरों की मानें तो यह लापरवाही बच्चों के भविष्य पर भारी पड़ सकती है। बार-बार बिना जरूरत एंटीबायोटिक देना उनकी इम्यूनिटी सिस्टम, पाचन तंत्र और शारीरिक विकास को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, एंटीबायोटिक दवाएं बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करती हैं, लेकिन जब इन्हें गलत समय या बार-बार दिया जाता है, तो शरीर के अच्छे बैक्टीरिया भी खत्म हो जाते हैं। इससे बच्चों को कई प्रकार के नुकसान हो सकते हैं:
1. दवाओं के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता
लगातार एंटीबायोटिक देने से बैक्टीरिया इनके खिलाफ लड़ना सीख जाते हैं, जिससे मामूली संक्रमण भी गंभीर हो सकता है।
2. कमजोर होता इम्यून सिस्टम
हर बार दवा देने से शरीर खुद बीमारी से लड़ना नहीं सीख पाता, जिससे प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है।
3. पाचन में परेशानी
एंटीबायोटिक अच्छे बैक्टीरिया को भी खत्म कर देती है, जिससे पेट दर्द, गैस और अपच जैसी समस्याएं पैदा होती हैं।
4. एलर्जी और रिएक्शन का खतरा
बच्चों को एंटीबायोटिक से रैश, खुजली या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। ये संकेत गंभीर एलर्जी का हिस्सा हो सकते हैं।
5. वायरल पर नहीं करता असर
सर्दी-जुकाम जैसे वायरल इंफेक्शन पर एंटीबायोटिक असर नहीं करती, बल्कि नुकसान ही करती है।
6. पोषण में बाधा
बार-बार दवा देने से पेट के बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं, जिससे विटामिन और मिनरल्स का अवशोषण कम हो जाता है।
7. दवा पर निर्भरता
शरीर को अगर हर बार दवा मिलती है, तो वह अपनी लड़ने की ताकत खो देता है। बच्चा बार-बार बीमार पड़ने लगता है।
बच्चों को एंटीबायोटिक देने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें। हर बार दवा देने से अच्छा है कि शरीर को खुद लड़ने दें और उनकी इम्युनिटी नैचुरली मजबूत करें। वरना भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।













