योगी की जगह मनोज सिन्हा ? क्या जाति फैक्टर अब योगी की कुर्सी पर भारी पड़ने लगा ?
बृजेश चतुर्वेदी


जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का यूपी के राज्यपाल से अचानक मिलना? प्रयागराज में अखिलेश यादव का ठाकुर और दलित अधिकारियों का नाम गिनाना? योगी के ख़ास पत्रकार का दावा और दिल्ली में बढ़ी हलचल का कनेक्शन क्या है? किस आधार पर ये कहा जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ को हटाने की इस बार पूरी तैयारी हो चुकी है? यूपी में एक महीने के भीतर मोहन भागवत की दो यात्राये, 10 दिन का प्रवास, अप्रैल में पीएम मोदी का यूपी में दो दौरा? और योगी के चेहरे का तनाव? खुलकर बताते हैं आपको पूरी बात, ध्यान से समझिए, बीजेपी में क्या पक रहा है?
- सूत्र कहते हैं कि बीजेपी पहले राज्यों में अध्यक्ष बनाएगी।
- राज्यों के बाद ही बीजेपी अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाएगी।
- राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनते ही कई सीएम भी बदले जा सकते हैं।
- उन्हीं में एक नाम योगी आदित्यनाथ का भी हो सकता है?
- ये दावा किस आधार पर, ज़रा हमारी भी पड़ताल देखिए।
सीएम योगी के मीडिया सलाहकार हैं मृत्युंजय कुमार, जब योगी गोरखपुर में सांसद थे तब ये वहां एक अख़बार के संपादक थे। जैसे ही योगी सीएम बने, अपने साथ इन्हें भी लखनऊ लेकर आए। योगी के सबसे ख़ास लोगों में एक नाम मृत्युंजय कुमार का भी है! इनके पत्रकार गुरु प्रदीप सिंह हैं, प्रदीप सिंह का दावा है कि एक मुख्यमंत्री को हटाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हटा पाएंगे, ये बड़ा सवाल है? उनका एक वीडियो भी वायरल है।
राजनीति को समझना है तो घटनाओं को भी समझना चाहिए!
- 8 साल जैसे ही पूरे हुए, योगी ने बार बार सत्ता छोड़ने की बात क्यों की ?
- योगी के कार्यकाल का 8 साल पूरा, लेकिन बीजेपी में कोई जश्न नहीं मना?
- योगी के अलावा पार्टी का कोई नेता 8 साल पर बात क्यों नहीं कर रहा?
- गाज़ियाबाद कमिश्नर को हटाकर प्रयागराज का आईजी बनाना भी संकेत है?
- वाराणसी में पीएम मोदी ने अधिकारियों से सीधे जवाब-तलब क्यों किए ?
यहां कहानी ये है कि संघ मुख्यमंत्रियों को हटाने के फैसले के साथ है? खुद मोहन भागवत भी सीएम योगी को अब यूपी में नहीं बल्कि दिल्ली में देखना चाहते हैं। पिछले दिनों एक ख़बर भी आई कि मोहन-भागवत और योगी की मुलाकात होते-होते टल गई? यूपी में संघ प्रमुख 10 दिन तक रहे फिर भी दोनों की मुलाकात नहीं हुई? क्या ये बात किसी के पेट में हज़म हो रही है? अखिलेश यादव का जाति के फैक्टर लाना? कहानी को रोचक बना रहा है। क्या योगी की कुर्सी के पीछे बीजेपी के साथ अखिलेश यादव भी मिले हैं? पिछले चुनावों में ऐन वक्त पर प्रचार के लिए उतरने वाले सपा प्रमुख आजकल ज्यादा जल्दी में क्यों हैं? प्रयागराज जाते ही वो अधिकारियों का नाम बकायदा जाति के साथ गिना रहे हैं? उनके हाथों में हर ज़िले में तैनात पुलिस अधिकारियों की लिस्ट है, जिसमें पीडीए के कितने और ठाकुर कितने हैं, उसकी संख्या बताई जा रही है?
मठ जाने की बात क्यों करते हैं योगी?
मनोज सिन्हा 20 अप्रैल को लखनऊ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने पहुंचे। इसका इशारा क्या हो सकता है? केशव प्रसाद मौर्य का एकदम चुप होना? गाज़ियाबाद के विधायक नंद किशोर गुर्जर का फटा कुर्ता विवाद? राजनाथ का लखनऊ में होना और उसी वक्त योगी का गोरखपुर निकल जाना, क्या आरएसएस ने राजनाथ को योगी को मनाने के लिए भेजा है? योगी को हटाकर कहां भेजा जाएगा? इसकी कोई जानकारी नहीं है, लेकिन दावे सच हो सकते हैं, अखिलेश यादव का पीडीए योगी की कुर्सी के पीछे है, अखिलेश के पीछे योगी के अपने हैं। कहा जा रहा हैं कि योगी मानने को तैयार नहीं है, इसलिए देरी हो रही है, बीजेपी योगी को मना नहीं पा रही है? क्योंकि योगी का नाराज़ होना पार्टी के हित में नहीं होगा, इसलिए उन्हें मंत्री बनाने का ऑफर दिया गया है। हालांकि सूत्र कहते हैं कि योगी दिल्ली में केंद्रीय मंत्री बनने के बजाय मठ जाने की बात करते हैं, इसलिए वो बार बार भाषणों में सत्ता त्याग कर मठ जाने का इशारा करते हैं?













