• Home
  • About Us
  • Advertise With Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
Wednesday, February 25, 2026
  • Login
Lucknow Junction
Advertisement
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Magazine
  • अन्य
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Magazine
  • अन्य
No Result
View All Result
Lucknow junction

अंतरराष्ट्रीय कॉक्लियर इम्प्लांट दिवस: आधुनिक चिकित्सा से ‘सशक्तीकरण’ की ओर।

News-Desk by News-Desk
February 24, 2026
in देश
0
विकसित भारत के सारथी: प्रवासी भारतीय और 2047 का संकल्प




-सुनील कुमार महला 

खबरें हटके

DEHRADUN-एआई डेटा सेंटर, स्टील प्लांट्स और शहरीकरण से भारत की ऊर्जा मांग बढ़ेगी

देहरादून – पलायन रोकथाम व सीमांत क्षेत्रों में रोजगार योजनाओं को तेज़ी से लागू करने के निर्देश

प्रतिवर्ष 25 फरवरी को ‘अंतरराष्ट्रीय कॉक्लियर इम्प्लांट दिवस’ मनाया जाता है। इस दिवस का प्राथमिक उद्देश्य श्रवण बाधित व्यक्तियों के लिए कॉक्लियर इम्प्लांट तकनीक के लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह दिन चिकित्सा इतिहास की एक गौरवशाली घटना का प्रतीक है। दरअसल, 25 फरवरी, 1957 को फ्रांसीसी चिकित्सक चार्ल्स आइरीज और आंद्रे जुरनो द्वारा दुनिया का पहला सफल कॉक्लियर इम्प्लांट किया गया था।

क्या है कॉक्लियर इम्प्लांट ? 

पाठकों को बताता चलूं कि कॉक्लियर इम्प्लांट एक परिष्कृत छोटा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जिसे सर्जरी के माध्यम से कान के आंतरिक हिस्से (कोक्लीया) में लगाया जाता है। यह उपकरण श्रवण तंत्रिका (आडिटरी नर्व) को सीधे उत्तेजित करता है, जिससे गंभीर रूप से सुनने में अक्षम व्यक्ति भी ध्वनियों को महसूस कर सकता है।

जागरूकता और मिथकों का निवारण:-

वास्तव में, इस दिवस को मनाने का मुख्य लक्ष्य समाज में व्याप्त उन भ्रांतियों को तोड़ना है, कि जन्मजात मूक-बधिर बच्चे कभी सुन या बोल नहीं सकते। सच तो यह है कि यह दिन स्पष्ट संदेश देता है कि बहरेपन का उपचार संभव है। साथ ही, यह सरकारों और स्वास्थ्य संस्थाओं का ध्यान इस ओर आकर्षित करता है कि आधुनिक तकनीक को हर जरूरतमंद के लिए सस्ती और सुलभ बनाया जाना अनिवार्य है।

श्रवण हानि-एक वैश्विक चुनौती:-

वर्तमान में श्रवण अक्षमता एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती का रूप ले रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। इस संदर्भ में वर्तमान स्थिति की बात करें तो दुनिया भर में लगभग 43 करोड़ लोग (जिनमें 3.4 करोड़ बच्चे शामिल हैं) मध्यम से गंभीर श्रवण हानि से जूझ रहे हैं और यदि इस संबंध में समय पर निवारक उपाय नहीं किए गए, तो वर्ष 2050 तक यह संख्या 70 करोड़ से अधिक हो सकती है। यानी दुनिया का हर 10 में से 1 व्यक्ति इस समस्या से प्रभावित होगा। डब्ल्यूएचओ द्वारा ‘विश्व श्रवण दिवस’ (3 मार्च) से पूर्व जारी पहली वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, 2050 तक प्रत्येक 4 में से 1 व्यक्ति (लगभग 2.5 बिलियन लोग) किसी न किसी स्तर की श्रवण क्षति का सामना कर सकता है।भारत के संदर्भ में स्थिति की बात करें तो भारत में श्रवण संबंधी समस्याएं व्यापक हैं। आंकड़ों के अनुसार देश में लगभग 6 से 7 करोड़ लोग श्रवण अक्षमता से प्रभावित हैं। गौरतलब है कि प्रतिवर्ष भारत में 27,000 से अधिक बच्चे जन्मजात बधिर पैदा होते हैं।

इस संदर्भ में व्याप्त विभिन्न चुनौतियां:-

वास्तव में, श्रवण बाधा केवल सुनने की क्षमता तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के संपूर्ण सामाजिक, शैक्षिक और भावनात्मक जीवन को प्रभावित करती है। श्रवण बाधित लोगों को संचार में कठिनाई का सामना करना पड़ता है, जिससे शिक्षा प्राप्त करने, रोजगार पाने और सामाजिक संबंध बनाए रखने में चुनौतियाँ बढ़ जाती हैं। आम जनता में जागरूकता की कमी, निदान में अनावश्यक देरी, कुपोषण, शोर प्रदूषण और ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित स्वास्थ्य सुविधाएं इस समस्या को और जटिल बनाती हैं।

निवारण और सुधार के मार्ग:-

श्रवण बाधा के निवारण और सुधार के लिए समय पर पहचान, उचित उपचार और जागरूकता बेहद आवश्यक हैं। गर्भावस्था में देखभाल, टीकाकरण, तेज आवाज़ से बचाव और कान के संक्रमण का इलाज रोकथाम में मदद करता है। जिन लोगों को समस्या है, उनके लिए हियरिंग एड, कॉक्लियर इम्प्लांट, स्पीच थेरेपी और सांकेतिक भाषा उपयोगी साधन हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सही हस्तक्षेप से कई मामलों में श्रवण हानि को रोका या कम किया जा सकता है। दूसरे शब्दों में कहें तो व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता में बड़ा सुधार किया जा सकता है और यह तभी संभव है जब हम नवजात शिशुओं की समय पर स्क्रीनिंग करवाएं।उनका नियमित टीकाकरण और सुरक्षित दवाओं का उपयोग किया जाए।अत्यधिक शोर से बचाव हो।श्रवण यंत्रों और इम्प्लांट तकनीक की व्यापक उपलब्धता से श्रवण बाधाओ का काफ़ी हद तक निवारण किया जा सकता है।

अंत में निष्कर्ष के तौर पर यही कहूंगा कि अंतरराष्ट्रीय कॉक्लियर इम्प्लांट दिवस हमें यह विश्वास दिलाता है कि आधुनिक विज्ञान ने सुनने की अक्षमता को अब एक ‘बाधा’ के बजाय ‘उपचार योग्य स्थिति’ बना दिया है। सहानुभूति से कहीं अधिक आवश्यक सशक्तीकरण है। सही समय पर पहचान और तकनीक का उपयोग न केवल सुनने की शक्ति लौटा सकता है, बल्कि प्रभावित व्यक्ति को समाज की मुख्यधारा में भी स्थापित कर सकता है।

सुनील कुमार महला, फ्रीलांस राइटर, कॉलमिस्ट व युवा साहित्यकार, पिथौरागढ़, उत्तराखंड।

Post Views: 5

Post Views: 2
Previous Post

क्लिक के दलदल में फँसा समाज: गालियों से ग्रोथ, शोर से शोहरत

Next Post

देहरादून – पलायन रोकथाम व सीमांत क्षेत्रों में रोजगार योजनाओं को तेज़ी से लागू करने के निर्देश

Related Posts

DEHRADUN-एआई डेटा सेंटर, स्टील प्लांट्स और शहरीकरण से भारत की ऊर्जा मांग बढ़ेगी
देश

DEHRADUN-एआई डेटा सेंटर, स्टील प्लांट्स और शहरीकरण से भारत की ऊर्जा मांग बढ़ेगी

by News-Desk
February 24, 2026
देहरादून – पलायन रोकथाम व सीमांत क्षेत्रों में रोजगार योजनाओं को तेज़ी से लागू करने के निर्देश
देश

देहरादून – पलायन रोकथाम व सीमांत क्षेत्रों में रोजगार योजनाओं को तेज़ी से लागू करने के निर्देश

by News-Desk
February 24, 2026
योग्यता का पतन और ‘विश्वगुरु’ का विरोधाभास  
देश

क्लिक के दलदल में फँसा समाज: गालियों से ग्रोथ, शोर से शोहरत

by News-Desk
February 24, 2026
सुनो नहरों की पुकार : जब आस्था पर्यावरण से संवाद करती है
देश

दौलत की फाइलें, भरोसे के सवाल

by News-Desk
February 24, 2026
प्रदूषण बढ़ा, लेकिन बजट कम हो गया
देश

बुजुर्गों की उपेक्षा और सुरक्षा का सवाल- डॉ विजय गर्ग 

by News-Desk
February 24, 2026
Next Post
देहरादून – पलायन रोकथाम व सीमांत क्षेत्रों में रोजगार योजनाओं को तेज़ी से लागू करने के निर्देश

देहरादून - पलायन रोकथाम व सीमांत क्षेत्रों में रोजगार योजनाओं को तेज़ी से लागू करने के निर्देश

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Cricket Live Score

POPULAR NEWS

No Content Available

EDITOR'S PICK

अमेरिका में ट्रंप का बड़ा फैसला: शिक्षा विभाग पर लगा ताला!

अमेरिका में ट्रंप का बड़ा फैसला: शिक्षा विभाग पर लगा ताला!

March 22, 2025
Neha Kakkar Australia Controversy::स्टेज पर रोते हुए दर्शकों से नेहा कक्कड़ ने मांगी मांफी ,और बोली मेरे पास मां है …

Neha Kakkar Australia Controversy::स्टेज पर रोते हुए दर्शकों से नेहा कक्कड़ ने मांगी मांफी ,और बोली मेरे पास मां है …

March 31, 2025
रूस का चौंकाने वाला युद्धतंत्र: गैस पाइपलाइन के ज़रिए यूक्रेनी सेना पर हमला

रूस का चौंकाने वाला युद्धतंत्र: गैस पाइपलाइन के ज़रिए यूक्रेनी सेना पर हमला

March 10, 2025
international news -नाव में खाना बनाते वक्त हुआ विस्फोट ,145 लोगो की मौत, दर्जनों लापता

international news -नाव में खाना बनाते वक्त हुआ विस्फोट ,145 लोगो की मौत, दर्जनों लापता

April 19, 2025

About Us

लखनऊ जंक्शन एक विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल है, जो लखनऊ और आसपास की ताज़ा, सटीक और निष्पक्ष खबरें आप तक पहुँचाने के लिए समर्पित है। राजनीति, समाज, शिक्षा, व्यापार, खेल और मनोरंजन से जुड़ी हर अहम जानकारी यहां मिलेगी। हम आपकी आवाज़ को मंच देने और शहर की हर हलचल से आपको अपडेट रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लखनऊ की हर खबर, सबसे पहले, निष्पक्ष और विश्वसनीय रूप में!
E-Mail Id-lucknowjunction51@gmail.com

Follow us

Categories

  • E-Magazine
  • अन्य
  • उत्तर प्रदेश
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • विभागीय
  • विशेष

Our Visitors

1858022
Total Visitors
186
Visitors Today

Recent Posts

  • DEHRADUN-एआई डेटा सेंटर, स्टील प्लांट्स और शहरीकरण से भारत की ऊर्जा मांग बढ़ेगी February 24, 2026
  • देहरादून – पलायन रोकथाम व सीमांत क्षेत्रों में रोजगार योजनाओं को तेज़ी से लागू करने के निर्देश February 24, 2026
  • अंतरराष्ट्रीय कॉक्लियर इम्प्लांट दिवस: आधुनिक चिकित्सा से ‘सशक्तीकरण’ की ओर। February 24, 2026
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Magazine
  • अन्य

©Copyright 2025, All Rights Reserved For Lucknow Junction by RA.Tech (7985291626)

No Result
View All Result
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • अन्य
  • E-Magazine
  • Login

©Copyright 2025, All Rights Reserved For Lucknow Junction by RA.Tech (7985291626)

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In