भारत-पाक तनाव के बीच शांति दूत बनकर आया ईरान, विदेश मंत्री अरागची की भारत यात्रा शुरू
भारत-पाक तनाव के बीच शांति दूत बनकर आया ईरान, विदेश मंत्री अरागची की भारत यात्रा शुरू
संयुक्त आयोग की बैठक में हिस्सा लेंगे अरागची, भारत-पाक के बीच मध्यस्थता की कोशिशों पर दुनिया की नजरें
ईरान के विदेश मंत्री डॉ. अब्बास अरागची भारत और ईरान के बीच 20वीं संयुक्त आयोग बैठक की सह-अध्यक्षता के लिए 7-8 मई तक भारत के दौरे पर हैं। अगस्त 2024 में पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। यह दौरा भारत-ईरान मैत्री संधि की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही बैठक के तहत हो रहा है, जिसमें आपसी सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी।
भारत दौरे से पहले डॉ. अरागची पाकिस्तान भी गए थे, जहां उन्होंने भारत-पाक तनाव पर चिंता जताई और दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की। ईरानी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि परमाणु सशस्त्र पड़ोसियों के बीच किसी भी तरह का टकराव क्षेत्र की शांति के लिए खतरा है। ईरान खुद को एक निष्पक्ष मध्यस्थ के रूप में प्रस्तुत कर रहा है और दोनों देशों के बीच भाईचारे की बात कर रहा है।
हालांकि, ईरान की इस पहल पर सवाल भी उठ रहे हैं। पाकिस्तान में कुछ विशेषज्ञ इसे क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ाने की रणनीति मानते हैं, जबकि भारत ने कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बाहरी हस्तक्षेप को सिरे से नकार दिया है। नई दिल्ली ने स्पष्ट कर दिया है कि अरागची की यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों के दायरे में सीमित है।
इस बीच, दुनिया यह देख रही है कि क्या ईरान वास्तव में भारत-पाक के बीच शांति का पुल बन पाएगा या यह सिर्फ एक कूटनीतिक प्रदर्शन बनकर रह जाएगा।













