कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज का मुद्दा विधानसभा में गूंजा, आराधना मिश्रा मोना ने विधानसभा में इसे भाजपा की तानाशाही रवैया बताया
भाजपा में शिक्षा व्यवस्था बहुत खराब, डिजिटल इंडिया का नारा देने वाले डिजिटल शिक्षा में फेल- आराधना मिश्रा मोना
भाजपा में रोजगार की योजनाएं सिर्फ भाषण में, शिक्षकों की भर्ती करे योगी आदित्यनाथ सरकार – आराधना मिश्रा मोना नेता विधानमंडल कांग्रेस
लखनऊ9BNE)नेता विधानमंडल दल कांग्रेस आराधना मिश्रा मोना ने आज बजट पर विधानसभा में बोलते हुए शिक्षा की गिरती गुणवत्ता पर सवाल खड़ा किया, मनरेगा को लेकर प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज के मुद्दे को विधानसभा में उठाया , और योगी आदित्यनाथ सरकार के इस कदम को अलोकतांत्रिक कहा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की, योगी आदित्यनाथ सरकार में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में सरकार को असफल बताया, आराधना मिश्रा मोना ने निजी क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों में बढ़ती फीस के कारण आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के ऊपर बढ़ रहे आर्थिक भार को लेकर सरकार की तरफ से गरीब छात्रों को बजट में कोई सहायता न देने पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
कांग्रेस विधान मंडल दल नेता आराधना मिश्रा मोना ने आज विधानसभा कार्यवाही में नियम 56 के अंतर्गत प्रदेश के जन-जन से जुड़े लोकमहत्व के विषय शिक्षा और उसकी गिरती गुणवत्ता का मुद्दा उठाया , सदन में चर्चा के दौरान श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने कहा की सरकार डिजिटल लर्निंग, स्मार्ट स्कूल और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी-बड़ी बात करती है लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है जो बातें की जा रही है क्या उस हिसाब से हमारे प्रदेश के बच्चों को गुणवत्ता परक शिक्षा मिल रही है ? क्या भाजपा सरकार शिक्षा की गुणवता बढ़ाने को लेकर गंभीर है ? सरकार कुछ भी कहे लेकिन शिक्षा क्षेत्र के जो आंकड़े हैं और जो रिपोर्ट है तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और योगी आदित्यनाथ सरकार के दावों की पोल खोलती है ।
श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर मनरेगा बचाओ महासंग्राम के प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को विधानसभा में उठाते हुए कहा कि मनरेगा जो ग्रामीण क्षेत्र के आम आदमी के रोजगार से जुड़ी जीवन रेखा है, जिसे भाजपा ने खत्म करने करके आम आदमी के रोजगार पर हमला किया है, उसके खिलाफ कांग्रेस कांग्रेस कार्यकर्ता शांतिपूर्वक लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, जिसका संविधान भी हमें अधिकार देता है,लेकिन योगी सरकार द्वारा कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोकने की, डराने की, गिरफ्तारी की गई,कार्यकर्ता अपना प्रदर्शन शांतिपूर्वक कर रहे थे, उसके बाद भी सरकार ने लाठीचार्ज किया गया और जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने रहे, क्या लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने का हमारा अधिकार नहीं ? ऐसे जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए ।
आराधना मिश्रा मोना ने कहा प्रदेश में प्रतिभाओं की कमी नहीं प्रत्येक साल 4:30 लाख से बी.एड. और डी.एल.एड. अभ्यर्थी पास हो रहे हैं,और 7 साल में 30000 शिक्षक रिटायर भी हो गए, लेकिन इस दौरान कोई नई सीधी भर्ती नहीं हुई । तदर्थ शिक्षकों का भर्ती मुद्दा सालों से आज भी लंबित है ।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की तरफ से जो जारी की गई रिपोर्ट है इसके अनुसार यूपी के 9508 सरकारी स्कूलों में सिर्फ एक शिक्षक है, इन स्कूलों में 6 लाख से अधिक छात्र पढ़ रहे हैं, अब ऐसे में क्या एक शिक्षक पूरे स्कूल के सभी कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ा पाएगा, इसके अलावा तमाम और काम भी शिक्षक से शिक्षण कार्य के अलावा कराए जाते हैं, जनगणना ,मतदान सर्वे और अन्य , SIR भी शिक्षक कर रहे हैं ।
आराधना मिश्रा मोना में शिक्षा की गिरती गुणवत्ता को लेकर सरकार के दावों की पोल खोलते हुए कहा कि आप नई शिक्षा नीति ला रहे हैं, स्मार्ट स्कूल की बात कर रहे हैं, उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाने की बात कर रहे हैं, लेकिन आपकी नियत ईमानदार नहीं है, बच्चे जो भविष्य की नर्सरी हैं, उन्हें शिक्षकों की कमी में, स्कूल बंद करके कैसे गुणवत्ता परक शिक्षा मिलेगी,
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