LUCKNOW :ग्रेटर नोएडा फर्जी एनकाउंटर में 12 पुलिस वाले नपे
अब भाजपाई बचाने नहीं आयेंगे-अखिलेश
मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे एनसीआर के ग्रेटर नोएडा में एक फर्जी एनकाउंटर के खुलासे के बाद जेवर थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी सहित कुल 12 पुलिस कर्मियों पर कोर्ट के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज हुआ है। जेवर थाने में दर्ज केस में थाना अध्यक्ष के साथ 6 दारोगा और 5 कांस्टेबल के नाम दर्ज हैं।पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि इन्होंने मथुरा में बीटेक कर रहे छात्र का फर्जी एनकाउंटर किया था और उसके पैर में गोली मार दी थी।छात्र के पिता इस मामले को लेकर कोर्ट चले गए थे।अब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यंमत्री अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर इस मामले का जिक्र करते हुए यूपी पुलिस को नसीहत दी है और योगी सरकार पर तंज कसा है।
मथुरा के कदम बिहार निवासी तरुण गौतम का आरोप है कि 4 सितंबर 2022 को बिना नंबर की 2 कार उनके घर आई।कारों से उतरे लोगों ने उनसे बेटे सोमेश गौतम के बारे में पूछा।उन्होंने बताया कि बेटा राजस्थान के कोटा से बीटेक कर रहा है और दिल्ली में 3 महीने के लिए कोचिंग के लिए गया है।कार से आए लोगों ने उनके साथ मारपीट की और गाड़ी में जबरन बैठाकर उन्हें अपने साथ ले गए। पीड़िता के मुताबिक, देर रात वह उसे लेकर बेटे सोमेश के दिल्ली स्थित कमरे पर पहुंचे। वहां बेटे के साथ भी मारपीट की और उसे भी गाड़ी में डाल दिया।ये पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।पीड़ित पिता का कहना है कि गाड़ी से आए लोगों ने उन्हें और उनके बेटे सोमेश को जेवर थाने ले जाकर बैठा दिया।फिर 6 सितंबर 2022 की रात में पुलिसकर्मियों ने बेटे सोमेश को गोली मार दी और उसका एनकाउंटर दिखाते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पुलिस ने बेटे के पास से बाइक और पिस्टल की भी बरामदगी दिखा दी।
इस पूरे मामले को लेकर सपा चीफ अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के एक्स हैंडल पर ट्वीट करते हुये कहा, नोएडा में फर्जी एनकाउंटर में उप्र पुलिस के जिन 12 पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज हुई है, अब उन्हें बचाने के लिए न तो ‘एनकाउंटर का गलत काम करवाने वाली’ भाजपा सरकार आगे आएगी, न ही कोई भाजपाई। इसीलिए हमने हमेशा पुलिस को आगाह किया है कि जब पुलिसवाले हत्या के आरोपी बनेंगे तो अपने परिवार, समाज और समुदाय को मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे, वो तो अकेले में जेल चले जाएंगे लेकिन उनके परिवार को हर जगह एक हत्यारे के परिजन होने का अपमान झेलना पड़ेगा। आशा है पुलिसवाले अब ऐसे ग़ैरक़ानूनी कुकृत्यों में भाजपा का साथ नहीं देंगे। याद रखें भाजपा किसी की सगी नहीं है।













