FATF की ग्रे लिस्ट में पाकिस्तान की वापसी की तैयारी! भारत की ‘डिप्लोमैटिक स्ट्राइक’ से हुक्का-पानी भी बंद!
FATF की ग्रे लिस्ट में पाकिस्तान की वापसी की तैयारी! भारत की ‘डिप्लोमैटिक स्ट्राइक’ से हुक्का-पानी भी बंद!
“आतंकी फंडिंग पर शिकंजा कसने को भारत ने तेज किया अभियान, FATF, IMF और UNSC के जरिए पाकिस्तान की आर्थिक नब्ज पर कसा जा रहा है शिकंजा”
भारत अब सिर्फ LOC पर नहीं, डिप्लोमैटिक मोर्चे पर भी पाकिस्तान को पटखनी देने में जुट गया है। इस बार निशाना है पाकिस्तान की जेब और इज्जत दोनों! भारत की कोशिश है कि आतंकवाद को पालने वाले पाकिस्तान को फिर से FATF की ग्रे लिस्ट में डलवा दिया जाए—जहां से उसका हुक्का-पानी और जकात दोनों बंद हो जाएं।
FATF यानी Financial Action Task Force एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखती है। अगर कोई देश इन मामलों में ढीला पड़ता है तो उसे ग्रे या ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाता है। ग्रे लिस्ट का मतलब है ‘चेतावनी’, और ब्लैक लिस्ट यानी ‘दुनिया से फंडिंग बंद’।
भारत अब UNSC के सभी गैर-स्थायी सदस्यों से संपर्क में है और IMF में पाकिस्तान की फंडिंग पर सवाल उठा रहा है। भारत का तर्क है कि पाकिस्तान ये पैसे आतंकियों पर खर्च करता है, न कि जनता की भलाई पर।
पाकिस्तान को 2018 में FATF की ग्रे लिस्ट में डाला गया था और 2022 में इससे बाहर किया गया। अब भारत दोबारा उसे इस लिस्ट में घसीटने की तैयारी कर रहा है, ताकि उसका अंतरराष्ट्रीय कर्ज मिलना मुश्किल हो जाए।
FATF की मौजूदा ग्रे लिस्ट में 23 देश शामिल हैं, जिनमें सीरिया, यमन, जिम्बाब्वे, कंबोडिया जैसे देश शामिल हैं। भारत चाहता है कि पाकिस्तान भी फिर से इसी सूची में शामिल हो और उसका आतंक प्रेम दुनिया के सामने बेनकाब हो जाए













