इस्तांबुल में रूस-यूक्रेन शांति वार्ता खत्म, 1,000-1,000 युद्धबंदियों की ऐतिहासिक अदला-बदली पर बनी सहमति
इस्तांबुल में रूस-यूक्रेन शांति वार्ता खत्म, 1,000-1,000 युद्धबंदियों की ऐतिहासिक अदला-बदली पर बनी सहमति
दो घंटे से भी कम चली बैठक में बनी सहमति, युद्धविराम पर नहीं बनी बात; ज़ेलेंस्की ने पश्चिम से रूस पर नए प्रतिबंधों की मांग की
रूस और यूक्रेन के बीच इस्तांबुल में हुई पहली सीधी शांति वार्ता महज दो घंटे में समाप्त हो गई, लेकिन इसमें अब तक की सबसे बड़ी 1,000-1,000 युद्धबंदियों की अदला-बदली पर सहमति बनी है। यह कदम दोनों देशों के बीच इंसानियत की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है, हालांकि अन्य मुद्दों पर ठोस प्रगति नहीं हो सकी।
यूक्रेन के रक्षा मंत्री रुस्तम उमेरोव ने कहा कि अब अगला कदम दोनों राष्ट्राध्यक्षों—रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की—की प्रत्यक्ष मुलाकात करवाना होगा। लेकिन अभी तक युद्धविराम पर कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने वार्ता के नतीजों पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कई यूरोपीय नेताओं से बातचीत की है। उन्होंने साफ किया कि अगर रूस बिना शर्त युद्धविराम के लिए तैयार नहीं होता, तो मॉस्को पर और कड़े प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए।
अल्बानिया में हो रही यूरोपीय नेताओं की बैठक में ज़ेलेंस्की ने वैश्विक मंच से अपील करते हुए कहा कि हिंसा अब और नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि अगर वार्ता विफल होती है, तो पश्चिमी देशों को रूस के ऊर्जा और बैंकिंग सेक्टर पर नए प्रतिबंध लगाने चाहिए।
जहां एक ओर यूक्रेन तत्काल और बिना शर्त युद्धविराम की मांग पर अड़ा है, वहीं रूस केवल कैदियों की अदला-बदली को प्राथमिकता देता दिख रहा है।













