• Home
  • About Us
  • Advertise With Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
Thursday, February 12, 2026
  • Login
Lucknow Junction
Advertisement
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Magazine
  • अन्य
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Magazine
  • अन्य
No Result
View All Result
Lucknow junction

 लोकतंत्र के संवैधानिक जनादेश का सम्मान करना जरूरी 

News-Desk by News-Desk
May 8, 2025
in देश
0
 लोकतंत्र के संवैधानिक जनादेश का सम्मान करना जरूरी 

लोकतंत्र के संवैधानिक जनादेश का सम्मान करना जरूरी 

 सही समय पर चुनाव के जरिए लोकतंत्र के संवैधानिक जनादेश का सम्मान करना जरूरी 

सुप्रीम कोर्ट का महाराष्ट्र चुनाव आयोग को निर्देश- स्थानीय निकायों के चुनाव कीअधिसूचना 4 सप्ताह व चुनावी प्रक्रिया 4 माह में संपन्न करने का प्रयास करें 

स्वस्थ लोकतंत्र में समयबद्ध चुनाव कराना संवैधानिक कर्तव्य-जमीनी स्तरपर लोकतंत्र को रोकना या बाधित करना कठोर अपराध की श्रेणी में लाना ज़रूरी-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 
गोंदिया – वैश्विक स्तरपर दुनियाँ के सबसे बड़े लोकतंत्र पर पूरी दुनियाँ की नजरे ग़ड़ी रहती है, क्योंकि भारत में जितनी जनसंख्या किसी एक राज्य की है, दुनियाँ के कई देशों में उतनी ही जनसंख्या उस एक देश की है, तो ऐसे में भारत के कुल 28 राज्यों 8 केंद्र शासित प्रदेशों में नियंत्रण व समयबद्ध तरीके से चुनाव कराना एक चुनौती भरा कार्य माना जाता है, परंतु अनेक राज्यों में कुछ पेचीदगे मसलों या फिर कोर्ट के किसी मुद्दे के कारण चुनाव को टाला जाता है, जो मेरा मानना है कि ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि बिना चुनावों के ग्राम पंचायत से लेकर स्थानीय निकायों तक, विधान सभा से लेकर लोकसभा तक चुनावों को रोकना प्रशासन को अलोकतांत्रिक तरीके से शासन के अधीन रखना,लोकतंत्र के संवैधानिक जनादेश का अपमान है। आज हम इस विषय पर चर्चा इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि दिनांक 5 मई 2025 माननीय सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के स्थानीय निकायों की चुनावी प्रक्रिया 4 माह में पूर्ण करने व 4 सप्ताह में चुनावी अधिसूचना जारी करने का निर्देश जारी कर दिया है, जिससे सभी छोटे से बड़े नेताओं में खलबली मच गई है व तैयारीयों में जुट गए हैं। मैं अपनी छोटी सी राइस सिटी गोंदिया में स्थानीय निकायों के कई दिनों से चुनाव होने के  अंदेशो पर कई महीनो से नजर रख रहा हूं,व अध्ययन कर रहा हूं तो दिख रहा है कि अनेक छोटे-छोटे कार्यकर्ता नेता पार्षद का चुनाव लड़ने के अपने स्वार्थ के जुगाड़ में गली मोहल्लों की  साफ- सफाईयाँ करवा रहे हैं व उसके फोटो खींचकर अपने प्रचार करने के लिए सोशल मीडिया में पोस्ट कर रहे हैं, तो कई छुटभैया समाज के नेता अनेकों शिविर लगाकर, कोई इवेंट करवाकर तो कोई मेरिट विद्यार्थियों को सत्कार का आयोजन कर स्थानीय विधायक को बुलवाकर वाहवाही लूट रहे हैं,व सोशल मीडिया पर तस्वीरें पोस्टकर रहे हैं तो कई सामाजिक छुटभैया नेता क्षेत्र के नए पदस्थ हुए चपरासी से लेकर बाबू व कलेक्टर तक तथा पुलिस कांस्टेबल से लेकर थानेदार और एसपी तक का जोरशोर से स्वागत कर उसके साथ तस्वीरें खिंचवाकर मीडिया पर पोस्ट कर इसके माध्यम से अपना वज़न बढ़ाने, वाहवाही लूटने में लगे हुए हैं, जो रेखांकित करने वाली बात है। परंतु आम जनता सब समझ रही है कि इसमें उन छुटभैया नेताओं का जरूर कोई स्वार्थ होगा या किसी उल्टे सीधे लफड़े वाले कामों से सलग्न होंगे, तो कोई अपने भाई को करोड़ों के ठेके दिलवा रहे हैं,नेत्रदान नेता बना रहे हैं, शिक्षण संस्थानों में अपना रुतबा दिखा रहे हैं। चूँकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सही समय पर चुनाव के जरिए लोकतंत्र के संवैधानिक जनादेश का सम्मान करना जरूरी है, इसीलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, सुप्रीम कोर्ट का महाराष्ट्र चुनाव आयोग को निर्देश,स्थानीय निकायों के चुनावों की अधिसूचना 4 सप्ताह में जारी करें, व चुनाव प्रक्रिया 4 माह में संपन्न करने का प्रयास करें।
साथियों बात अगर हम लंबे समय से रुके हुए महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनावों का रास्ता साफ होने की करें तो सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (6 मई, 2025) को महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव कराने को हरी झंडी दे दी,जो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण पर मुकदमेबाजी के कारण वर्षों से रुके हुए थे। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने कहा कि समय-समय पर चुनाव कराकर जमीनी स्तरपर लोकतंत्र स्थापित करने के संवैधानिक आदेश को सुनिश्चित किया जाना चाहिए और उसका सम्मान किया जाना चाहिए।अदालत ने कहा कि चुनावों के लिए ओबीसी आरक्षण को उसी तरह बनाए रखा जाना चाहिए जैसा कि जेके बंठिया आयोग की रिपोर्ट पेश होने से पहले था। बंठिया आयोग ने स्थानीय निकाय चुनावों में 27 परसेंट ओबीसी आरक्षण का प्रावधान किया था। सुप्रीम कोर्ट ने पुराने आरक्षण के आधार पर इन्हें कराए जाने का आदेश जारी किया है। 4 हफ्तों में चुनावों की अधिसूचना भी जारी करने का आदेश दिया है, सुप्रीम कोर्ट ने कहा, राज्य चुनाव आयोग को निर्देश महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव में 2022 से पहले की आरक्षण व्यवस्था लागू होगी।सुप्रीम कोर्ट ने कहा, चुनावों को इतने लंबे समय तक लंबित रखने के पीछे कोई लॉजिक है? सभी स्थानीय निकायों के चुनाव के उद्देश्य से ओएनसी आरक्षण को जेके बांटिया आयोग की 2022 की रिपोर्ट से पहले कानून के अनुसार पढ़ा जाना चाहिए।  छह सदस्यीय आयोग ने जुलाई 2022 की तारीख वाली एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, उस रिपोर्ट के अलावा पिछड़ेपन की प्रकृति के मुद्दे पर विचार करने के लिए आयोग के गठन से लेकर कई मुद्दे अदालत के समक्ष लंबित हैं।न्यायमूर्ति कांत ने महाराष्ट्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा,आज नौकरशाह सभी नगर निगमों और पंचायतों पर कब्जा कर रहे हैं और प्रमुख नीतिगत निर्णय ले रहे हैं। इस मुकदमे के कारण एक पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया ठप हो गई है। अधिकारियों की कोई जवाबदेही नहीं है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार चुनाव क्यों नहीं होने दिएजाते?याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि बंठिया रिपोर्ट का पालन नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि ओबीसी के लिए आरक्षित 34,हज़ार सीटें रद्द कर दी गई हैं। एक बिंदु पर,न्यायमूर्ति कांत ने आरक्षण की तुलना रेल यात्रा से की, जिसमें लोग चढ़ते तो हैं, लेकिन उतरते नहीं, मान लीजिए कि किसी को गलत तरीके से शामिल किया गया है या बाहर रखा गया है, तो समावेशन कोई मुद्दा नहीं हो सकता है। यह भी सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसा आरक्षण एससी/एसटी/ओबीसी के लिए आरक्षित कुल सीटों के 50 पेर्सेंट से अधिक न हो।
साथियों बात अगर हम माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश की करें तो, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र निकाय चुनाव को लेकर फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को निर्देश दिए हैं कि वह चार सप्ताह के भीतर राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों की अधिसूचना जारी करे। पीठ ने अपने आदेश में कहा- हमारे विचार से स्थानीय निकायों के समय-समय पर चुनावों के जरिए लोकतंत्र के संवैधानिक जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए।सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव पिछले कई सालों से नहीं हुए हैं। इसका मुख्य कारण ओबीसी आरक्षण से जुड़ी कई लंबित कानूनी प्रक्रियाएं रही हैं। कोर्ट ने इस देरी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए सही नहीं माना है और समय पर चुनाव करने के निर्देश दिए। अदालत ने बनठिया आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया।इस रिपोर्ट में ओबीसी पर सटीक आंकड़े तय करने के लिए जनगणना और महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों में इस वर्ग के लिए 27 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की सिफारिश की गई थी। पीठ ने कहा कि महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव के परिणाम सर्वोच्च न्यायालय में लंबित याचिकाओं के निर्णयों के अधीन होंगे।  कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि उचित मामलों में विस्तार की मांग की जा सकती है,कोर्ट ने कहा कि जमीनी स्तर की लोकतंत्र को रोका नहीं जा सकता है। हालांकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के वकील को अदालत में बुलाया था,जिसके बाद कोर्ट ने चुनाव के लिए अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया है। इससे पहले कोर्ट ने कहा था कि पांच साल में स्थानीय निकाय के चुनाव करवाना संवैधानिक कर्तव्य है। 2486 स्थानीय निकायों के चुनाव लंबे समय से लंबित है और कोई भी चुना हुआप्रतिनिधि नहीं है, क्या यह कानून और नियमों का उल्लंघन नही है?लोकतंत्र को रोका नहीं जा सकता: कोर्ट की टिप्पणी मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि रेलगाड़ी के डिब्बे की तरह आरक्षण हो गया है, जो इसमें चढ़ गए हैं, वे दूसरों को आने नहीं देना चाहते है. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि क्यों कुछ ही वर्ग के लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए?बाकी लोगों को आरक्षण क्यों नहीं मिलना चाहिए, जो सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से पिछड़े हैं, यह राज्यों की जिम्मेदारी है कि इस पर विचार करें।
साथियों बात अगर हम माननीय सुप्रीम कोर्ट की सख़्त टिप्पणियों की करें तो, न्यायमूर्ति कांत ने महाराष्ट्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल से पूछा,”आज नौकरशाह सभी नगर निगमों और पंचायतों पर कब्जा कर रहे हैं और प्रमुख नीतिगत निर्णय ले रहे हैं। इस मुकदमे के कारण एक पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया ठप हो गई है। अधिकारियों की कोई जवाबदेही नहीं है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार चुनाव क्यों नहीं होने दिए जाते? बता दें आंकड़े एकत्र करने के लिए पूर्व मुख्य सचिव श्री बंठिया के नेतृत्व में आयोग का गठन किया था।जुलाई 2022 में आयोग द्वारा अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद तत्कालीन सरकार ने ओबीसी कोटा लागू करते हुए स्थानीय निकायों के चुनाव कराने की अनुमति के लिए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सही समय पर चुनाव के जरिए लोकतंत्र के संवैधानिक जनादेश का सम्मान करना जरूरी।सुप्रीम कोर्ट का महाराष्ट्र चुनाव आयोग को निर्देश- स्थानीय निकायों के चुनाव की अधिसूचना 4 सप्ताह व चुनावी प्रक्रिया 4 माह में संपन्न करने का प्रयास करें।स्वस्थ लोकतंत्र में समयबद्ध चुनाव कराना संवैधानिक कर्तव्य- जमीनी स्तरपर लोकतंत्र को रोकना या बाधित करना कठोर अपराध की श्रेणी में लाना ज़रूरी है।
-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

The post  लोकतंत्र के संवैधानिक जनादेश का सम्मान करना जरूरी  appeared first on ब्रेकिंग न्यूज एक्सप्रेस | Latest Hindi News | Breaking News | Politics | Sports – Breaking News Express.

खबरें हटके

क्यों गायब हो रहे बच्चे?

प्रदूषण बढ़ा, लेकिन बजट कम हो गया

Post Views: 36
Tags: संवैधानिक जनादेश का सम्मान
Previous Post

सीमाओं की शेरनियाँ

Next Post

सिंदूर की सौगंध”

Related Posts

सुनो नहरों की पुकार : जब आस्था पर्यावरण से संवाद करती है
देश

क्यों गायब हो रहे बच्चे?

by News-Desk
February 11, 2026
प्रदूषण बढ़ा, लेकिन बजट कम हो गया
देश

प्रदूषण बढ़ा, लेकिन बजट कम हो गया

by News-Desk
February 11, 2026
पीएनबी ने अपने 132वें स्थापना दिवस के पूर्व ‘पीएनबी सोल्जरथॉन 2026’ की घोषणा की
देश

पीएनबी ने अपने 132वें स्थापना दिवस के पूर्व ‘पीएनबी सोल्जरथॉन 2026’ की घोषणा की

by News-Desk
February 10, 2026
जगदलपुर:भारत की संस्कृति का आभूषण है बस्तर – केंद्रीय गृहमंत्री
देश

जगदलपुर:भारत की संस्कृति का आभूषण है बस्तर – केंद्रीय गृहमंत्री

by News-Desk
February 9, 2026
उत्तर प्रदेश आर्थिक समीक्षा 2025-26*
देश

उत्तर प्रदेश आर्थिक समीक्षा 2025-26*

by News-Desk
February 9, 2026
Next Post
सिंदूर की सौगंध”

सिंदूर की सौगंध"

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Cricket Live Score

POPULAR NEWS

No Content Available

EDITOR'S PICK

भारत का ‘लेजर वार’: दुश्मन ड्रोन को हवा में ही जिंदा जलाया, दुनिया में मचा हड़कंप!”

भारत का ‘लेजर वार’: दुश्मन ड्रोन को हवा में ही जिंदा जलाया, दुनिया में मचा हड़कंप!”

April 15, 2025
NCB ने sheikh hasina के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए इंटेरोल से मांगी मदद

NCB ने sheikh hasina के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए इंटेरोल से मांगी मदद

April 20, 2025
घुसपैठियों के विरुद्ध भारत अमेरिका से लेकर यूरोप तक एलान-ए-जंग

घुसपैठियों के विरुद्ध भारत अमेरिका से लेकर यूरोप तक एलान-ए-जंग

September 15, 2025
लंदन की सड़कों पर साड़ी और चप्पल में जॉगिंग करती नजर आयीं ममता बनर्जी

लंदन की सड़कों पर साड़ी और चप्पल में जॉगिंग करती नजर आयीं ममता बनर्जी

March 25, 2025

About Us

लखनऊ जंक्शन एक विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल है, जो लखनऊ और आसपास की ताज़ा, सटीक और निष्पक्ष खबरें आप तक पहुँचाने के लिए समर्पित है। राजनीति, समाज, शिक्षा, व्यापार, खेल और मनोरंजन से जुड़ी हर अहम जानकारी यहां मिलेगी। हम आपकी आवाज़ को मंच देने और शहर की हर हलचल से आपको अपडेट रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लखनऊ की हर खबर, सबसे पहले, निष्पक्ष और विश्वसनीय रूप में!
E-Mail Id-lucknowjunction51@gmail.com

Follow us

Categories

  • E-Magazine
  • अन्य
  • उत्तर प्रदेश
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • विभागीय
  • विशेष

Our Visitors

1828842
Total Visitors
1656
Visitors Today

Recent Posts

  • Lucknow junction 12 feb 2026 February 12, 2026
  • क्यों गायब हो रहे बच्चे? February 11, 2026
  • प्रदूषण बढ़ा, लेकिन बजट कम हो गया February 11, 2026
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • E-Magazine
  • अन्य

©Copyright 2025, All Rights Reserved For Lucknow Junction by RA.Tech (7985291626)

No Result
View All Result
  • Home
  • ट्रेंडिंग न्यूज़
  • देश
  • विदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • विशेष
  • विभागीय
  • अन्य
  • E-Magazine
  • Login

©Copyright 2025, All Rights Reserved For Lucknow Junction by RA.Tech (7985291626)

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In